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General Science
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक संगामी आबादी (Random mating population) में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह या आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
- 2. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल आधार 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) है, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित किए गए शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी को वंशागत होते हैं, जिसे वीज़मैन (Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) द्वारा पूरी तरह से सही ठहराया गया था।
- 3. 'अनुकूली विकिरण' (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विकसित होकर विभिन्न भौगोलिक या पारिस्थितिकीयniches में नए स्पीशीज़ के उद्भव की प्रक्रिया है, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण डार्विन फिंच (Darwin's finches) हैं जो गैलापागोस द्वीप समूह में पाई जाती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg principle) यह बताता है कि बिना किसी विकासवादी दबाव (जैसे उत्परिवर्तन, चयन, प्रवास) के जीन और एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कथन 2 गलत है: यद्यपि लैमार्क ने उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धांत दिया था, किंतु अगस्त वीज़मैन (August Weismann) ने चूहों की पूंछ काटकर प्रयोग द्वारा यह सिद्ध किया कि उपार्जित लक्षण अगली पीढ़ी में वंशागत नहीं होते, और उन्होंने 'जननद्रव्य की निरंतरता का सिद्धांत' देकर लैमार्कवाद का खंडन किया था। कथन 3 सही है: अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विभिन्न दिशाओं में जीवों के विकास को दर्शाता है, जैसे डार्विन की फिंच। विकिपीडिया संदर्भ
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होने के कारण परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, किंतु शून्य वर्ग (अक्रिय गैसों) की वान डेर वाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है।
2. नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान ऑक्सीजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण नाइट्रोजन के $2p^3$ कक्षक का पूर्ण रूप से भरा होना (Fully-filled) है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
टाइगर?
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