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General Science
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मानव शरीर में पोषण और वृहत् पोषक तत्वों के उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होने वाली वह चयापचय प्रक्रिया है जिसमें गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers (जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो एसिड) से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो उपवास की स्थिति में रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
- 2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है, और वेल्लीन, ल्यूसीन तथा लाइसिन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
- 3. जल में घुलनशील 'विटामिन C' (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) का मुख्य कार्य कोलेजन संश्लेषण में सहायक होना है, और इसकी अत्यधिक कमी से 'बेरी-बेरी' नामक गंभीर विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्लूकोनियोजेनेसिस एक महत्वपूर्ण मार्ग है जो गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से ग्लूकोज का उत्पादन करता है। कथन 2 भी सही है; वेल्लीन, ल्यूसीन और लाइसिन मानव शरीर के लिए आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) की श्रेणी में आते हैं जिन्हें शरीर स्वयं नहीं बना सकता। कथन 3 गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से 'स्कर्वी' (Scurvy) रोग होता है, जबकि 'बेरी-बेरी' रोग विटामिन B1 (थियामिन) की कमी के कारण होता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) क्लोस्ट्रिडियम टेटानी (Clostridium tetani) नामक जीवाणु के कारण होता है, जो एक बीजाणु-उत्पादक (Spore-forming) और आबध्य अवायवीय (Obligate anaerobic) जीवाणु है, तथा इसका विषैला एक्सोटॉक्सिन 'टेटनोस्पैस्मिन' केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
2. 'काली खांसी' (Pertussis) या हूइंग कफ बोरडेटेला परट्यूसिस (Bordetella pertussis) नामक ग्राम-ऋणात्मक जीवाणु के कारण होता है, जो श्वसन नली के उपकला ऊतक को संक्रमित करता है और पक्षाभ (Cilia) की गति को नष्ट कर देता है।
3. 'लैप्रॉसी' (कुष्ठ रोग) माइकोबैक्टीरियम लेप्रे (Mycobacterium leprae) के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकी परजीवी है और यह मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जबकि परिधीय तंत्रिकाएँ इससे अप्रभावित रहती हैं।
4. 'अमीबायसिस' (अमीबी पेचिश) एंटाअमीबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytica) नामक एक परजीवी प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संक्रमण संदूषित जल और भोजन के सेवन से होता है और यह मुख्य रूप से बड़ी आंत को संक्रमित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं (अर्थात इलेक्ट्रॉन-न्यून), जबकि लुईस क्षार वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान कर सकती हैं।
2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, कठोर अम्ल छोटे आकार, उच्च धनात्मक आवेश और कम ध्रुवणनीयता वाले होते हैं, जो प्राथमिकता से कठोर क्षारों के साथ मजबूत और स्थिर यौगिक बनाते हैं।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) का उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण होता है, तो प्राप्त लवण का जलीय विलयन जलीय जल-अपघटन के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें ऋणायन का जल-अपघटन होता है जिससे हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) मुक्त होते हैं।
4. बफर विलयन (Buffer Solution) वे विलयन होते हैं जो बाहरी मात्रा में प्रबल अम्ल या प्रबल क्षार मिलाने पर भी अपने pH मान में परिवर्तन का प्रभावी विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का उदाहरण अमोनियम क्लोराइड एवं अमोनियम हाइड्रोक्साइड का मिश्रण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद् (Gametophyte) होता है जो बीजाणुद्भिद् पर पोषण के लिए आश्रित रहता है।
2. C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है क्योंकि इनमें कार्बन डाइऑक्साइड के स्थिरीकरण के लिए 'Hatch-Slack pathway' पाई जाती है, जिसमें PEP carboxylase एंजाइम RuBisCO की तुलना में $CO_2$ के प्रति उच्च बंधुता रखता है।
3. साइटोकाइनिन ($Cytokinin$) मुख्य रूप से कोशिकाओं के विभाजन को प्रेरित करता है, जरण (Senescence) को विलंब करता है, और ऑक्सिन के साथ मिलकर शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को समाप्त करते हुए पार्श्व कलियों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
4. एब्सिसिक अम्ल (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है क्योंकि यह सूखे या जल संकट की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों की प्रसुप्ति (Seed dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग में क्या नहीं चलता?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में अपेक्षित अवनमन (Relative lowering of vapour pressure), विलयन में उपस्थित विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है।
2. 'सजातीय उत्प्रेरण' (Homogeneous catalysis) वह प्रक्रिया है जिसमें उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी द्रव या सभी गैस) में होते हैं, जबकि 'एन्जाइम उत्प्रेरण' विषुवत रूप से एक प्रकार का सजातीय उत्प्रेरण है क्योंकि अधिकांश एन्जाइम जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के साथ एक ही जलीय प्रावस्था में कार्य करते हैं।
3. वांट-हॉफ गुणांक ($i$) का मान वैद्युत अपघट्य के वियोजन (Dissociation) की स्थिति में हमेशा 1 से कम होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान 1 से अधिक होता है, जिससे अणुसंख्यक गुणधर्मों के प्रायोगिक मान सैद्धांतिक मानों से भिन्न हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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