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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को प्रेरित करता है, जबकि 'थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (TRH) प्रोलैक्टिन के स्रावण को भी उत्तेजित कर सकता है।
- 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) के एड्रिनल मेडुला द्वारा स्रावित 'कैटेकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) आपातकालीन हॉर्मोन कहलाते हैं, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस, लाइपोलिसिस और हृदय स्पंदन दर में वृद्धि के माध्यम से 'फाइट-या-फ्लाई' प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं।
- 3. अग्नाशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की अल्फा कोशिकाएँ (Alpha cells) 'ग््लुकागन' (Glucagon) हॉर्मोन स्रावित करती हैं, जो यकृत कोशिकाओं पर कार्य करके ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ावा देता है और रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करने का मुख्य कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित 'सोमाटोसटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन वास्तव में अग्र पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को *प्रेरित नहीं* करता बल्कि उसे *संदमित (Inhibit)* करता है। कथन 2 सही है; एड्रिनल मेडुला द्वारा स्रावित एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन आपातकालीन हॉर्मोन हैं जो चयापचय और हृदय संबंधी क्रियाओं को तेज करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अग्नाशय की अल्फा कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'ग््लुकागन' (Glucagon) रक्त में ग्लूकोज के स्तर को *कम नहीं* करता बल्कि ग्लाइकोजेनोलिसिस और ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित कर रक्त शर्करा के स्तर को *बढ़ाता* है (इसे हाइपरग्लाइसेमिक हॉर्मोन कहते हैं)। मानव शरीर के इन रासायनिक समन्वयकों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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कोशिका के किस भाग को 'प्रोटीन फैक्ट्री' कहा जाता है?
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी भी भौतिक राशि की विमाएँ यह दर्शाती हैं कि उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल इकाइयों पर कौन-कौन सी घातें (Exponents) चढ़ाई जाती हैं, और विमीय विश्लेषण का उपयोग केवल समीकरणों की सत्यता की जाँच करने के लिए किया जा सकता है, नए भौतिक संबंधों को व्युत्पन्न करने के लिए नहीं।
2. 'प्लांग स्थिरांक' (Planck's constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular momentum) दोनों की विमीय सूत्र (Dimensional formula) सर्वथा समान होती है, जो कि $[ML^2T^{-1}]$ है।
3. पार्सेक (Parsec) और प्रकाश वर्ष (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने के मात्रक हैं, जिनमें से 1 पार्सेक का मान लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रक्त समूहों की आनुवंशिकी और रुधिर आधान (Blood Transfusion) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली कोडोमिनेंस (सह-प्रभाविता) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ $I^A$ और $I^B$ एलील अपने आप को स्वतंत्र रूप से सह-अभिव्यक्त करते हैं, किंतु ये दोनों एलील अप्रभावी 'i' एलील पर प्रभावी होते हैं।
2. जब किसी 'A' रक्त समूह वाले व्यक्ति को गलती से 'B' रक्त समूह का रक्त चढ़ा दिया जाता है, तो प्राप्तकर्ता के प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक 'anti-B' एंटीबॉडी दाता की लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) पर उपस्थित 'B' एंटीजन के साथ मिलकर तीव्र एग्लूटीनेशन (विघटन) प्रतिक्रिया करते हैं।
3. 'Rh-असंगति' (Rh Incompatibility) के कारण होने वाला 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस' (Erythroblastosis fetalis) मुख्य रूप से तब होता है जब Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक पिता की संतान Rh-धनात्मक होती है, और इस स्थिति में माँ के शरीर में उत्पन्न होने वाले एंटी-Rh एंटीबॉडी (IgG प्रकार) प्लेसेंटा को पार कर सकते हैं।
4. रुधिर प्लाज्मा में पाए जाने वाले 'anti-A' और 'anti-B' एंटीबॉडी मुख्य रूप से IgG प्रकार के इम्युनोग्लोबुलिन होते हैं, जो अपनी कम आणविक भार और मोनोमेरिक संरचना के कारण आसानी से प्लेसेंटा की बाधा को पार कर भ्रूण तक पहुँच जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुपरकंडक्टिविटी किस तापमान पर प्राप्त होती है?
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हृदय का चैंबर?
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