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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के नियमन और फीडबैक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करने के लिए प्रेरित करता है, जो आगे चलकर जननांगों से सेक्स हॉर्मोन के उत्पादन को नियंत्रित करता है।
- 2. पीयूष ग्रंथि के पश्च भाग (Neurohypophysis) से स्रावित 'ऑक्सीटोसिन' (Oxytocin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन को तेज करता है और दुग्ध स्स्रावण (Milk ejection) के लिए स्तन ग्रंथियों की मायोएपिथेलियल कोशिकाओं को उत्तेजित करता है।
- 3. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) से निकलने वाला 'कोर्टिसोल' (Cortisol) एक ग्लूकोकॉर्टिकॉइड है, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा चयापचय को नियंत्रित करता है तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाकर (Immunosuppression) सूजनरोधी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन मानव अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोनल नियंत्रण के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। हाइपोथैलेमस मास्टर ग्रंथि (पीयूष ग्रंथि) के कार्यों को नियंत्रित करता है। अग्र पीयूष ग्रंथि से गोनाडोट्रोपिन (LH और FSH) का स्रावण GnRH द्वारा नियंत्रित होता है। ऑक्सीटोसिन प्रसव और दुग्ध निष्कासन में मुख्य भूमिका निभाता है, जबकि कोर्टिसोल एक प्रमुख तनाव हॉर्मोन और ग्लूकोकॉर्टिकॉइड है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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प्रतिरक्षा प्रणाली में टी-कोशिकाएं का परिपक्वता स्थल कहाँ है?
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प्रकाशिकी (Optics) में गोलीय दर्पणों और अपवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी (Focal length) धनात्मक होती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, और किसी भी वास्तविक वस्तु के लिए उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है।
2. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तब अपवर्तन कोण 90 डिग्री से अधिक हो जाता है और किरण वापस उसी माध्यम में लौट आती है जिसे प्रकाश का विकिपीडिया संदर्भ कहते हैं।
3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक और दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है, तथा यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और लेंस की अभिसारी प्रकृति अपसारी में बदल जाती है।
4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों, मात्रकों और मापन (Units and Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो उस चाप की दूरी को निरूपित करती है जो किसी वृत्त के केंद्र पर 1 आर्कसेकंड (1 arcsecond) का कोण अंतरित करता है जब चाप की लंबाई 1 खगोलीय इकाई (AU) होती है।
2. स्टीरेडियन (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो समतल कोण (Plane angle) को मापने के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि रेडियन एक पूरक मात्रक (Supplementary unit) है जिसका उपयोग ठोस कोण (Solid angle) को मापने के लिए किया जाता है।
3. प्लांक नियतांक ($h$) का विमीय सूत्र वही होता है जो कोणीय संवेग (Angular momentum) का होता है, और दोनों का SI मात्रक जूल-सेकंड ($J\cdot s$) है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है, और 1 प्रकाश वर्ष लगभग $9.46 \times 10^{15}$ मीटर के बराबर होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative Lowering of Vapour Pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम का सीधा परिणाम है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे अग्र और पश्च अभिक्रियाओं के वेग को समान रूप से प्रभावित करते हैं जिससे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) का मान अपरिवर्तित रहता है।
4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता अभिकारकों और उत्पादों के अणुओं के आकार तथा छिद्रों के आकार पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दायां आलिंद (Right Atrium) शरीर के विभिन्न भागों से अशुद्ध रक्त महाशिराओं द्वारा प्राप्त करता है और त्रिवलनी कपाट (Tricuspid Valve) के माध्यम से इसे दाएं निलय में भेजता है, जहां से यह फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) द्वारा फेफड़ों में शुद्धिकरण के लिए जाता है।
2. फेफड़ों की कूपिकाओं (Alveoli) में गैसों का विनिमय केवल सक्रिय परिवहन (Active Transport) के माध्यम से होता है, जिसमें एटीपी (ATP) ऊर्जा का प्रत्यक्ष उपयोग होता है क्योंकि ऑक्सीजन का आंशिक दाब कम होता है।
3. अग्न्याशय द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' एक सक्रिय एंजाइम है जो सीधे प्रोटीन को अमीनो अम्लों में तोड़ देता है, और इसके सक्रियण के लिए किसी अन्य कारक की आवश्यकता नहीं होती है।
4. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) का अनुकंपी भाग (Sympathetic System) हृदय की धड़कन को कम करता है और आंतों की क्रमाकुंचन गति को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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