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General Science
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प्रतिरक्षा प्रणाली में टी-कोशिकाएं का परिपक्वता स्थल कहाँ है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
टी-कोशिकाएं अस्थिमज्जा में बनती हैं लेकिन परिपक्व थाइमस ग्रंथि में होती हैं।
Related Questions
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) की जटिल परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर उस कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) के परिमाण के समानुपाती होती है, और लेंस का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रेरित धारा की दिशा को इस प्रकार निर्धारित करता है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
2. 'स्वप्रेरण' (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह अपने ही भीतर प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, जो कि वेबर प्रति ऐम्पियर के तुल्य होता है।
3. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियों के फेरों की संख्या का अनुपात वोल्टेज को परिवर्तित करता है, और यदि किसी ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि पूरी तरह शून्य मान ली जाए, तो द्वितीयक कुंडली से प्राप्त निर्गत शक्ति (Output power) प्राथमिक कुंडली को दी गई निवेश शक्ति (Input power) से अधिक हो जाती है ताकि धारा का मान बढ़ सके।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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शक्ति का मात्रक?
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परावर्तन?
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों और रासायनिक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होने के कारण परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, किंतु शून्य वर्ग (अक्रिय गैसों) की वान डेर वाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है।
2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान नाइट्रोजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण ऑक्सीजन के $2p^4$ कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का युग्मित होना है जो प्रतिकर्षण बल को कम करता है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है और इसका इलेक्ट्रॉन घनत्व उच्च होता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता ($
ho$) का मान चालक के आयामों पर निर्भर न करके केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विद्युत वाहक बल (EMF) का बीजगणितीय योग उस लूप के विभिन्न भागों में उत्पन्न विभवांतरों के योग के बराबर होता है।
3. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
4. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह सेतु तब संतुलित (Balanced) कहा जाता है जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप नहीं होता है, जिससे $P/Q = S/R$ का संबंध प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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