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General Science
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जीवाश्मों के विकासवादी इतिहास और आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श आबादी में अलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह का अभाव हो।
- 2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) छोटे आकार की आबादी में अधिक प्रभावशाली होता है, और इसमें 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं जो जीन पूल में विविधता को कम कर सकती हैं।
- 3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' के सिद्धांत को अगस्त वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहे की पूंछ काटने वाले प्रयोग के माध्यम से पूरी तरह खारिज कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि सोमेटिक कोशिकाओं (कायिक कोशिकाओं) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं।
- 4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय उत्पत्ति भिन्न होती है, लेकिन उनके कार्य समान होते हैं, जो कि अभिसारी विकास (Convergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था के अनुसार बड़े आकार की यादृच्छिक संगामी आबादी में अलील आवृत्तियां स्थिर रहती हैं जब तक कि कोई विकासात्मक बल कार्य न करे। कथन 2 सही है; आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) छोटे समूहों में अधिक प्रभावी होता है जहाँ संस्थापक प्रभाव और बॉटलनेक प्रभाव से विविधता घटती है। कथन 3 सही है, वीजमैन के जर्मप्लाज्म सिद्धांत ने कायिक परिवर्तनों की वंशागति को असत्य सिद्ध किया। कथन 4 गलत है क्योंकि समजात अंग (Homologous organs) वे होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है लेकिन कार्य भिन्न होते हैं, और यह **विकिपीडिया संदर्भ** के अनुसार 'अपसारी विकास' (Divergent evolution) को दर्शाते हैं, जबकि अभिसारी विकास को 'समवृत्ति अंग' दर्शाते हैं। अतः सही संयोजन केवल 1, 2 और 3 है।
Related Questions
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तरलों के यांत्रिकी गुणों और उनके व्यवहार—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) अणुओं के बीच प्रभावी संसंजक बलों (Cohesive forces) के कारण उत्पन्न होता है, और जब किसी द्रव में कोई अल्प विलेय अशुद्धि जैसे सर्फेक्टेंट मिलाई जाती है, तो यह पृष्ठ को आंशिक रूप से ढंककर द्रव के पृष्ठ तनाव को काफी हद तक कम कर देती है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) द्रवों में आंतरिक घर्षण का माप है, और जहाँ गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है, वहीं द्रवों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है क्योंकि उच्च तापमान पर द्रवों के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ने से संसंजक बल मजबूत हो जाते हैं।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल विस्थापित तरल के गुरुत्व केंद्र (Centre of gravity) पर कार्य करता है, न कि डूबे हुए भाग के द्रव्यमान केंद्र पर।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के दौरान एटीपी (ATP) के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र से जुड़े एंजाइम प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं।
2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस्टर्नी' (Cisternae) नेटवर्क ध्रुवीय रूप से व्यवस्थित होता है, जिसमें 'सिस' (Cis) सिरा निर्माणकारी (Forming) या अभिमुखी सिरा होता है जो अंतःद्रव्य जालिका (ER) की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा परिपक्व (Maturing) सिरा होता है।
3. लाइसोसोम में उपस्थित 'हाइड्रोलिटिक एंजाइम' (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अनुकूलित pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम झिल्ली पर सक्रिय प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) कार्य करते हैं।
4. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकहरे झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों और जंतुओं दोनों में पाए जाते हैं, और इनमें उपस्थित 'कैटालेज' एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करके कोशिकाओं को विषैले प्रभावों से बचाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जीन विनिमय (Crossing Over) और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन विनिमय की प्रक्रिया समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच होती है, जो कि अर्द्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की पैचिटीन (Pachytene) अवस्था के दौरान 'रिकॉम्बिनैज' (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
2. क्रॉसिंग ओवर के परिणामस्वरूप आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination) होता है, जो संतति में नए लक्षणों के प्रकट होने का मुख्य कारण है और यह जीवों की जातियों में विकास (Evolution) की प्रक्रिया को गति प्रदान करता है।
3. काय्स्माटा (Chiasmata) का निर्माण डिप्लोटीन (Diplotene) अवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहाँ समजात गुणसूत्र एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं किंतु विनिमय बिंदु पर जुड़े रहते हैं।
4. सहलग्नता (Linkage) और जीन विनिमय एक-दूसरे के सीधे आनुपातिक (Directly proportional) होते हैं, अर्थात् जितने अधिक निकट जीन स्थित होंगे, उनके बीच क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जीन विनिमय (Crossing Over) और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन विनिमय की प्रक्रिया अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था के दौरान समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच खंडों के आदान-प्रदान के फलस्वरूप होती है।
2. इस जैव-रासायनिक प्रक्रिया को उत्प्रेरित करने के लिए 'रेकॉम्बिनेज' (Recombinase) नामक विशिष्ट एंजाइम की सक्रियता अनिवार्य होती है, जो डीएनए स्ट्रैंड्स को काटने और पुनः जोड़ने का कार्य करता है।
3. जीन विनिमय के स्थल पर समजात गुणसूत्रों के बीच बनने वाली X-आकार की संरचनाओं को 'कियास्माटा' (Chiasmata) कहा जाता है, जिनका निर्माण पैकीटीन अवस्था में ही हो जाता है किंतु उनका स्पष्ट अंतर्संक्रमण और पृथक्करण डायकाइनेसिस (Diakinesis) अवस्था में समाप्त होता है।
4. क्रॉसिंग ओवर की आवृत्ति (Frequency) दो जीनों के बीच की भौतिक दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely proportional) होती है, अर्थात् जितने पास जीन होंगे, क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत ऋणात्मकता सर्वाधिक किसकी?
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