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General Science
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नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) और नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) धीमे न्यूट्रॉन की बमबारी से लगभग समान आकार के हल्के नाभिकों में टूटता है, जिससे अपार ऊर्जा निकलती है क्योंकि उत्पादों का कुल द्रव्यमान प्रारंभिक द्रव्यमान से कम होता है (द्रव्यमान क्षति)।
- 2. परमाणु बम (Atomic Bomb) अनियंत्रित नाभिकीय विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया पर आधारित होता है, जबकि हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) अनियंत्रित नाभिकीय संलयन अभिक्रिया का उपयोग करता है।
- 3. तारों (जैसे सूर्य) में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है, जिसमें अत्यधिक उच्च ताप और दाब पर हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम के एक नाभिक का निर्माण करते हैं।
- 4. नियंत्रित नाभिकीय संलयन अभिक्रियाओं को प्रयोगशाला या ऊर्जा उत्पादन के लिए सफलतापर्ूवक बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रूप से स्थापित किया जा चुका है और इससे किसी भी प्रकार के रेडियोएक्टिव कचरे की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। नाभिकीय विखंडन में भारी नाभिक न्यूट्रॉन के प्रहार से टूटता है और द्रव्यमान ऊर्जा में परिवर्तित होता है। परमाणु बम विखंडन पर तथा हाइड्रोजन बम संलयन पर आधारित होते हैं। सूर्य और तारों की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है। कथन 4 गलत है क्योंकि नियंत्रित नाभिकीय संलयन (Controlled Nuclear Fusion) को अभी तक व्यावसायिक पैमाने पर स्थिर ऊर्जा उत्पादन के लिए पूरी तरह से सफल रूप से स्थापित नहीं किया जा सका है (हालांकि टोकामक जैसे प्रयोग जारी हैं) और संलयन रिएक्टरों में भी कुछ मात्रा में न्यूट्रॉन विकिरण के कारण रेडियोएक्टिव कचरा उत्पन्न होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह एक पार्सल सेक्युरेंट कोण पर आधारित है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, और SI प्रणाली में इसका मात्रक पास्कल-सेकंड (Pa·s) या प्वाइज़ेन होता है।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) है और इसकी विमा $[ML^0T^{-2}]$ होती है।
4. एक 'एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट' (AU) सूर्य और पृथ्वी के बीच की माध्य दूरी है, जिसका मान लगभग $1.496 imes 10^{11}$ मीटर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों और उत्प्रेरण (Catalysis) के रासायनिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी तनु विलयन का परासरण दाब ($P$) उस विलयन की मोलर सांद्रता और परम तापमान के गुणनफल के समानुपाती होता है, जो 'वांट हॉफ समीकरण' (van 't Hoff equation) द्वारा व्यक्त किया जाता है और यह एक अणुसंख्यक गुण है।
2. जब किसी वैद्युत अपघट्य जैसे $NaCl$ को जल में घोला जाता है, तो इसके वियोजन के कारण वांट हॉफ गुणांक ($i$) का प्रायोगिक मान 1 से कम प्राप्त होता है, क्योंकि आयन आपस में मिलकर युग्म बना लेते हैं।
3. जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक ($TiCl_4$ और $Al(C_2H_5)_3$ का मिश्रण) का उपयोग उच्च घनत्व पॉलीथीन (HDPE) के संश्लेषण में 'विषमांग उत्प्रेरण' के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में किया जाता है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण की 'प्रेरित फिट परिकल्पना' (Induced Fit Hypothesis) यह दर्शाती है कि एंजाइम का सक्रिय स्थल कठोर और अपरिवर्तनीय होता है, जिसमें सबस्ट्रेट के जुड़ने पर भी उसकी संरचना में कोई बदलाव नहीं आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण और विटामिनों की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल में घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन B और C) शरीर में संचित नहीं किए जा सकते हैं और मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाते हैं, सिवाय 'विटामिन B12' के, जिसका यकृत (Liver) में महीनों तक भंडारण हो सकता है।
2. 'नियासिन' (विटामिन B3) का अग्रगामी (Precursor) आवश्यक अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' है, और शरीर में ट्रिप्टोफैन की पर्याप्त मात्रा होने पर इसका संश्लेषण किया जा सकता है, जिसकी कमी से 'पेलग्रा' (Pellagra) रोग होता है जिसे '4Ds' (Dermatitis, Diarrhea, Dementia, Death) के लक्षणों से पहचाना जाता है।
3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन K' प्रोथ्रॉम्बिन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है और यह केवल बाह्य स्रोतों (आहार) से प्राप्त होता है, क्योंकि मानव शरीर की आंतों में उपस्थित सहजीवी बैक्टीरिया इसका संश्लेषण करने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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एल्कीन सामान्य सूत्र?
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प्रकाश तरंगें?
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