BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
25 views

मिश्रधातुओं (Alloys) और उनके संगठन (Composition) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'पीतल' (Brass) तांबे और जस्ते की एक मिश्रधातु है, जिसमें तांबे की मात्रा अधिक होती है, और यह संक्षारण के प्रति प्रतिरोधी होती है।
  2. 2. 'कांस्य' (Bronze) तांबे और टिन का एक मिश्र धातु है, जिसका उपयोग मूर्तियाँ, सिक्के और बर्तन बनाने में किया जाता है।
  3. 3. 'जर्मन सिल्वर' (German Silver) नामक मिश्रधातु में चांदी (Silver) का प्रतिशत लगभग 50% होता है, जिसके कारण इसका नाम जर्मन सिल्वर पड़ा है।
  4. 4. 'अल्निकोस' (Alnico) एक ऐसी मिश्रधातु है जिसमें लोहा, निकेल, कोबाल्ट और एल्यूमीनियम होते हैं, और इसका उपयोग शक्तिशाली स्थायी चुंबक (Permanent Magnets) बनाने के लिए किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पीतल (Brass) तांबा (Cu) और जस्ता (Zn) की एक मिश्रधातु है। कथन 2 सही है क्योंकि कांस्य (Bronze) तांबा और टिन (Sn) से मिलकर बनती है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'जर्मन सिल्वर' में चांदी (Silver) का प्रतिशत **शून्य (0%)** होता है; यह तांबा, जस्ते और निकेल की मिश्रधातु है, और इसका नाम केवल इसकी चांदी जैसी सफेद चमक के कारण पड़ा है। कथन 4 सही है क्योंकि अल्निको (Alnico) लोहा, निकेल, कोबाल्ट और एल्यूमीनियम की एक महत्वपूर्ण मिश्रधातु है जिसका उपयोग मजबूत स्थायी चुंबक बनाने में होता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ गामा किरणें? → विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में अपेक्षित अवनमन (Relative lowering of vapour pressure), विलयन में उपस्थित विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है। 2. 'सजातीय उत्प्रेरण' (Homogeneous catalysis) वह प्रक्रिया है जिसमें उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी द्रव या सभी गैस) में होते हैं, जबकि 'एन्जाइम उत्प्रेरण' विषुवत रूप से एक प्रकार का सजातीय उत्प्रेरण है क्योंकि अधिकांश एन्जाइम जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के साथ एक ही जलीय प्रावस्था में कार्य करते हैं। 3. वांट-हॉफ गुणांक ($i$) का मान वैद्युत अपघट्य के वियोजन (Dissociation) की स्थिति में हमेशा 1 से कम होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान 1 से अधिक होता है, जिससे अणुसंख्यक गुणधर्मों के प्रायोगिक मान सैद्धांतिक मानों से भिन्न हो जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → त्वरण का मात्रक? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) का अभाव होता है, और इनका संवहन तंत्र आवृत्तबीजी पौधों की तुलना में अधिक विकसित होता है जिसमें सत्य वाहिकाएँ (Vessels) प्रमुख रूप से पाई जाती हैं। 2. C-3 पादपों (जैसे गेहूं और चावल) में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर C-4 पादपों की तुलना में काफी अधिक होती है, क्योंकि RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सीलेसन के साथ-साथ ऑक्सीजनैसन गतिविधि भी प्रदर्शित करता है, जिससे ऊर्जा का अपव्यय होता है। 3. 'ऑक्सिन' (Auxin) पादप हॉर्मोन का प्रमुख प्राकृतिक रूप इंडोल-3-एसिटिक एसिड (IAA) है, जो शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है और पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को संदमित (Inhibit) करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में किसी धातु या मिश्र धातु का विद्युत प्रतिरोध घटकर शून्य हो जाता है, और जब कोई पदार्थ अतिचालक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह अपने भीतर से बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को पूर्ण रूप से बाहर धकेल देता है, जिसे 'माइस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है। 2. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत यथार्थता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की अवस्था में तब होता है जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप नहीं होता है, जिससे भुजाओं के प्रतिरोधों का अनुपात $P/Q = S/R$ (मानक संकेतों के अनुसार) संतुष्ट होता है। 3. विभवमापी (Potentiometer) को वोल्टमीटर की तुलना में अधिक श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि विभवमापी संतुलन बिंदु प्राप्त करते समय परिपथ से शून्य धारा (Infinite resistance) आहरित करता है, जिससे यह सेल के आंतरिक प्रतिरोध और विद्युत वाहक बल (EMF) को बिना किसी त्रुटि के यथार्थ रूप से माप सकता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.