त्वरित लिंक्स
General Science
26 views
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रक्त प्लाज्मा में पाए جانے والے प्राकृतिक एंटीबॉडी (Agglutinins) 'इम्युनोग्लोबुलिन' (Immunoglobulins) श्रेणी के प्रोटीन होते हैं, और एबीओ (ABO) रक्त समूह प्रणाली में, रक्त समूह 'O' वाले व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं।
- 2. 'Rh कारक' (Rhesus factor) की खोज लैंडस्टीनर और विनर द्वारा की गई थी, और Rh-असंगति (Rh-incompatibility) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता से उत्पन्न होने वाला दूसरा या उसके बाद का गर्भ Rh+ होता है, जिससे गर्भभ्रूण रक्ताणुकोशाकता (Erythroblastosis fetalis) हो सकती है।
- 3. मानव हृदय के चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, निलय डायस्टोल (Ventricular diastole) के आरंभ में 'अर्धचंद्रাকার कपाट' (Semilunar valves) बंद हो जाते हैं, जिससे हृदय की दूसरी ध्वनि (Dub) उत्पन्न होती है, जो पहली ध्वनि (Lub) की तुलना में अधिक तीव्र और कम अवधि की होती है।
- 4. रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की प्रक्रिया में, फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन, कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) और प्रोथ्रोम्बिन की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जिसमें थ्रोम्बिन एंजाइम उत्प्रेरक का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि एबीओ (ABO) रक्त समूह प्रणाली में, रक्त समूह 'O' वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर कोई एंटीजन (A या B) नहीं होता है, लेकिन उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B **दोनों** प्राकृतिक एंटीबॉडी (Agglutinins) उपस्थित होते हैं (तथा रक्त समूह 'AB' वाले प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होता)। कथन 2 सत्य है; Rh कारक की खोज कार्ल लैंडस्टीनर और अलेक्जेंडर विनर ने की थी और Rh-असंगति के कारण 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति उत्पन्न होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि हृदय की दूसरी ध्वनि (Dub) कम तीव्र (soft) और अधिक अवधि (longer duration) की होती है, जबकि पहली ध्वनि (Lub) तेज और कम अवधि की होती है। कथन 4 पूर्णतः सत्य है; रक्त के थक्के जमने की कैस्केड प्रक्रिया में प्रोथ्रोम्बिन, कैल्शियम आयनों और थ्रॉम्बोप्लास्टिन की अंतःक्रिया से थ्रॉम्बन बनता है जो फाइब्रिनोजेन को फाइब्रिन में बदलता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
पेंटेन का सूत्र?
→
निम्नलिखित में से कौन बफर विलयन का मुख्य गुण है?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हెరॉल्ट प्रक्रम (Hall-Héroult process) में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूऑर्स्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, और इसे हवा में स्वतः जलने से रोकने के लिए पानी के नीचे रखा जाता है, जबकि लाल फॉस्फोरस बहुलकित संरचना के कारण सामान्य ताप पर जल में अघुलनशील और कम सक्रिय होता है।
3. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंग प्रदर्शित करने का मुख्य कारण उनके 'd-d संक्रमण' (d-d transition) या 'चार्ज ट्रांसफर स्पेक्ट्रा' का होना है, जिसमें अपूर्ण रूप से भरे d-कक्षकों के बीच इलेक्ट्रॉनों का उत्तेजन दृश्य प्रकाश क्षेत्र के अवशोषण से होता है।
4. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उत्पादन 'सॉलवे प्रक्रम' (Solvay process) द्वारा किया जाता है, जिसमें मध्यवर्ती उत्पाद के रूप में सोडियम बाइकार्बोनेट प्राप्त होता है, और इस प्रक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अमोनिया को पुनर्प्राप्त (Recovered) करने के लिए इसमें अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया बुझे हुए चूने ($Ca(OH)_2$) के साथ कराई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
गोलीय दर्पणों और लेंसों से संबंधित प्रकाशकीय परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी वस्तु को अवतल दर्पण (Concave mirror) के वक्रता केंद्र (Centre of curvature) पर रखा जाता है, तो बनने वाली वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है, और इस स्थिति में दर्पण की रेखीय आवर्धन क्षमता (Linear magnification) का मान -1 होता है।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब पानी (अपवर्तनांक = 1.33) में डुबोया जाता है, तो हवा की तुलना में इसका अपवर्तनांक कम हो जाने के कारण इसकी फोकस दूरी बढ़ जाती है और इसकी अभिसारी (Converging) क्षमता कमजोर हो जाती है।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है और आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए, जबकि अपवर्तन कोण हमेशा 90 डिग्री से अधिक होता है।
4. वाहनों में पश्च-दृश्य (Rear-view) दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह हमेशा वस्तु का सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालकों को पीछे के एक विस्तृत क्षेत्र का स्पष्ट दृश्य प्राप्त होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) के स्रावण के लिए उद्दीपित करता है।
2. थायराइड ग्रंथि की फोलिकुला कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जिससे अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को बढ़ावा मिलता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा 'एपिनीफ्रीन' (एड्रेनालाईन) और 'नॉरएपिनीफ्रीन' (नॉरएड्रेनालाईन) का स्रावण किया जाता है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'फ्लाइट या फाइट' हॉर्मोन भी कहा जाता है।
4. अपरा (Placenta) एक अस्थायी अंतःस्रावी ऊतक के रूप में कार्य करता है जो 'ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन' (hCG), एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हॉर्मोनों का स्रावण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.