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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन के रासायनिक व्यवहार, समावयवता (Isomerism) और उनकी अभिक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्काइन्स (Alkynes) में त्रिक बंध (Triple bond) उपस्थित होने के बावजूद ये इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं की तुलना में अधिक आसानी से नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं क्योंकि इनका कार्बन-कार्बन त्रिक बंध इलेक्ट्रॉन घनत्व से भरपूर होता है।
- 2. बेन्जीन और उसके व्युत्पन्न (ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन) हकल के नियम ($4n+2$ पाई इलेक्ट्रॉन) का पालन करते हैं और वे अपनी उच्च असंतृप्ति के बावजूद योगात्मक अभिक्रियाओं के बजाय आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Electrophilic substitution reactions) देते हैं।
- 3. मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाओं में एल्केन्स का हैलोजनीकरण एक श्रृंखला अभिक्रिया (Chain reaction) के रूप में होता है, जिसमें ब्रोमीन की तुलना में क्लोरीन की क्रियाशीलता अत्यधिक तीव्र और कम वरनात्मक (Less selective) होती है।
- 4. ज्यामितीय समावयवता (Geometric Isomerism) प्रदर्शित करने के लिए किसी यौगिक में प्रतिबंधित घूर्णन (Restricted rotation) का होना अनिवार्य है, और एल्कीन्स के सिस्ट-ट्रान्स (Cis-Trans) समावयवियों के भौतिक गुण जैसे द्विध्रुव आघूर्ण और क्वथनांक भिन्न-भिन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि एल्काइन्स और एल्कीन्स दोनों ही अपने उच्च इलेक्ट्रॉन घनत्व (पाई बंधों) के कारण मुख्य रूप से **इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition)** अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं, न कि नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाओं में। कथन 2 सही है; एromatic यौगिक (जैसे विकिपीडिया संदर्भ) हकल के नियम का पालन करते हैं और अपनी विशेष ऐरोमैटिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए योगात्मक अभिक्रियाओं के बजाय प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ दर्शाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि ब्रोमीनीकरण अत्यधिक वरनात्मक (Selective) और मंद होता है, जबकि क्लोरीनीकरण अत्यधिक तीव्र और कम वरनात्मक होता है। कथन 4 सही है, प्रतिबंधित घूर्णन (जैसे द्विबंध या वलय) के कारण एल्कीन्स ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
Related Questions
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्यी जालिका' (Endoplasmic Reticulum - ER) और 'गॉल्जी काय' (Golgi Apparatus) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, जिसके कारण यह मुख्य रूप से प्रोटीन संश्लेषण और उनके अंतर-कोशिकीय परिवहन में सक्रिय रूप से भाग लेती है।
2. चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, फॉस्फोलिपिड और स्टेरॉयड हॉर्मोन्स के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है, और यकृत कोशिकाओं में यह विषाक्त पदार्थों और औषधियों के विषहरण (Detoxification) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. गॉल्जी काय का 'cis' (निर्माण) चेहरा आमतौर पर अंतःप्रद्रव्यी जालिका की ओर होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, जहाँ से संशोधित प्रोटीन और लिपिड पुटिकाओं (Vesicles) के रूप में बाहर निकलते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी में लेंसों और दर्पणों के परावर्तन तथा अपवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उत्तल दर्पण (Convex mirror) की फोकस दूरी धनात्मक होती है और यह हमेशा वस्तु की स्थिति चाहे जो भी हो, एक आभासी, सीधी और छोटी छवि बनाता है, जिसका उपयोग वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) विस्तृत होता है।
2. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यम के क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाती है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहा जाता है।
3. जल में डूबे हुए एक वायु के बुलबुले का व्यवहार उत्तल लेंस की तरह होता है क्योंकि प्रकाश की किरणें विरल माध्यम (वायु) से सघन माध्यम (जल) में जाती हैं, जिससे किरणें अभिसरित हो जाती हैं।
4. एक समतल दर्पण की आवर्धन क्षमता (Magnification) का मान हमेशा +1 होता है, जिसका अर्थ है कि इसके द्वारा बनने वाली छवि का आकार वस्तु के आकार के बराबर और हमेशा सीधी होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हीरे का अपवर्तनांक कितना होता है?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मिट्टी में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर करते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें 'हैच-स्लैग मार्ग' पाया जाता है और इनका प्राथमिक कार्बन डाइऑक्साइड ग्राही 'फॉस्फेनाइलपाइरुवेट' (PEP) होता है, जो रुबिस्को एंजाइम की फोटोरेस्पिरेशन (प्रकाश श्वसन) प्रवृत्ति को कम कर देता है।
3. 'साइटोकिनीन' (Cytokinin) एक प्राकृतिक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है, शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को बढ़ावा देता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करने का कार्य करता है।
4. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, जो प्रतिकूल जल तनाव की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों के प्रसुप्तिकरण (Dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित राशियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) उसके द्रव्यमान का प्रत्यक्ष माप है; अर्थात जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसके विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है।
2. न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे को निरस्त (Cancel) कर देते हैं और परिणामस्वरूप निकाय का कुल त्वरण शून्य हो जाता है।
3. जब कोई व्यक्ति किसी गतिशील लिफ्ट में ऊपर की ओर त्वरित गति से यात्रा करता है, तो लिफ्ट के फर्श द्वारा उस व्यक्ति पर आरोपित अभिलंब प्रतिक्रिया बल (Normal reaction force) उसके वास्तविक भार से अधिक प्रतीत होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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