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General Science
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पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्वांटम संख्याओं के निर्धारण में, दिगंशी क्वांटम संख्या (Azimuthal Quantum Number) उपकोश की आकृति (Shape) को दर्शाती है, जबकि चुंबकीय क्वांटम संख्या (Magnetic Quantum Number) अंतरिक्ष में कक्षक के त्रिविमीय अभिविन्यास (Orientation) को निर्धारित करती है।
- 2. प्लाज़्मा पदार्थ की एक ऐसी अवस्था है जिसमें गैस अत्यधिक आयनित अवस्था में होती है जिसमें उच्च ऊर्जावान मुक्त इलेक्ट्रॉन और धनात्मक आयन होते हैं, और यह ब्रह्मांड में प्राकृतिक रूप से सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली अवस्था है।
- 3. द्रव्यमान संख्या (Mass Number) हमेशा परमाणु क्रमांक (Atomic Number) के ठीक दोगुनी होती है, क्योंकि किसी भी परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या सदैव प्रोटॉनों की संख्या के पूर्णतः बराबर होती है।
- 4. पावली का अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) यह बताता है कि किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान कभी भी पूरी तरह समान नहीं हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि दिगंशी क्वांटम संख्या (l) उपकोश (s, p, d, f) की ज्यामितीय आकृति को परिभाषित करती है, और चुंबकीय क्वांटम संख्या (m) चुंबकीय क्षेत्र में कक्षक के अभिविन्यास को दर्शाती है। कथन 2 सही है क्योंकि प्लाज़्मा उच्च तापमान पर आयनित गैसों की अवस्था है जो तारों और सूर्य सहित संपूर्ण ब्रह्मांड का अधिकांश भाग बनाती है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि सभी परमाणुओं में न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या समान नहीं होती है (जैसे समस्थानिकों में न्यूट्रॉन भिन्न होते हैं), और द्रव्यमान संख्या हमेशा परमाणु क्रमांक की दोगुनी नहीं होती। कथन 4 सही है क्योंकि पावली का अपवर्जन नियम स्पष्ट करता है कि एक ही परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ (मुख्य, दिगंशी, चुंबकीय और चक्रण) समान नहीं हो सकतीं।
Related Questions
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संकरण करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. लैमार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत का खंडन वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग के माध्यम से किया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं।
3. 'जेनेटिक ड्रिफ्ट' (Genetic drift) या आनुवंशिक विचलन मुख्य रूप से बड़े आकारों वाली जनसंख्या में अत्यधिक प्रभावी होता है, और यह अनुकूلی चयन के परिणामस्वरूप एलील आवृत्तियों में एक नियत दिशा में क्रमिक परिवर्तन उत्पन्न करता है।
4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय विकास समान होते हैं लेकिन उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, जो अपसारी विकास (Divergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा संक्षारण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गैल्वेनीकरण' (Galvanizing) लोहे या इस्पात को जंग से बचाने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उस पर पिघली हुई जस्ते (Zinc) की एक पतली परत चढ़ाई जाती है, और इस प्रक्रिया में जस्ता 'बलिदान एनोड' (Sacrificial anode) के रूप में कार्य करता है क्योंकि जस्ते का मानक ऑप्शन विभव (Reduction potential) लोहे की तुलना में अधिक ऋणात्मक होता है।
2. 'एक्वा रेजिया' (Royal Water) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोल सकता है, क्योंकि यह मिश्रण अपने भीतर शक्तिशाली ऑक्सीकारकों जैसे 'क्लोरीन गैस' और 'नाइट्रोसिल क्लोराइड' का निर्माण करता है।
3. सफेद फास्फोरस ($P_4$) एक अत्यंत प्रतिक्रियाशील और विषैला अधातु है जो अंधेरे में चमकता है (स्फुरदीप्ति या Chemiluminescence), और इसे हवा में स्वतः प्रज्वलित होने से रोकने के लिए जल के भीतर डुबोकर रखा जाता है, जबकि लाल फास्फोरस इससे कम प्रतिक्रियाशील, पॉलीमेरिक संरचना वाला और जल में अघुलनशील होता है।
4. सोडियम हाइड्रॉक्साइड के निर्माण के लिए प्रयुक्त 'कास्टनर-कैलनर सेल' (Castner-Kellner cell) या विद्युत अपघटनी प्रक्रिया में, नमकीन घोल (Brine) के विद्युत अपघटन के दौरान एनोड पर क्लोरीन गैस और कैथोड पर हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है, जबकि सोडियम धातु पारे (Mercury) के साथ मिलकर अमलगम का निर्माण करती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए न्यूनतम दूरी?
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यांत्रिकी (Mechanics) में कार्य, ऊर्जा और संवेग के संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी वस्तु पर एक संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा कार्य किया जाता है, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस स्थिति में यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic collision) में कुल गतिज ऊर्जा और कुल रैखिक संवेग दोनों संरक्षित रहते हैं, जबकि अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) में केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है।
3. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम इस बात पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर लगने वाला बाह्य बल आघूर्ण (External Torque) शून्य हो, तो निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत रहता है, जैसे कि सूर्य के चारों ओर घूमते हुए ग्रह की कक्षीय गति।
4. अश्वशक्ति (Horsepower) शक्ति की एक व्यावसायिक इकाई है, जहाँ 1 अश्वशक्ति का मान ठीक 746 वाट के बराबर होता है और यह ऊर्जा के परिवर्तन की दर को प्रदर्शित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में स्थित ऑक्सीपिटिक या पैराइटल कोशिकाओं (Oxyntic cells) द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित किया जाता है, जो छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
2. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो ऑक्सीजन-युक्त (शुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) डीऑक्सीजनेटेड रक्त का वहन करती है।
3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स (Synapse) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक संदेशवाहकों यानी न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) के द्वारा होता है, जो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से निकलकर पोस्ट-सिनेप्टिक रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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