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General Science
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पादप जगत के वर्गीकरण और पादप हारमोन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
  2. 2. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय भित्ति नहीं पाई जाती है, किंतु इन पौधों में द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth) का पूर्ण अभाव होता है।
  3. 3. जिबरेलिन ($GA_3$) एक अम्लीय पादप हॉर्मोन है जो तने की लंबाई में वृद्धि, आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्णवृंत दीर्गीकरण और अंगूर के डंठल को लंबा करने में सहायता करता है, साथ ही यह बीज प्रसुप्ति (Seed dormancy) को तोड़कर अंकुरण को प्रेरित करता है।
  4. 4. ऑक्सिन (जैसे IAA और IBA) का मुख्य संश्लेषण स्थान प्ररोह (Shoot) और जड़ के अग्रभाग का शीर्ष भाग है, और यह पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) को बढ़ावा देता है जबकि पार्श्व कलियों की वृद्धि को संदमित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का उभयचर कहा जाता है क्योंकि वे जमीन पर जीवित रह सकते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए उन्हें पानी की आवश्यकता होती है और उनमें संवहनी ऊतक नहीं होते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि जिम्नोस्पर्म पौधों में कैम्बियम की उपस्थिति के कारण 'द्वितीयक वृद्धि' (Secondary growth) पाई जाती है, जिससे काष्ठीय तनों का निर्माण होता है। कथन 3 सही है क्योंकि जिबरेलिन पौधों की लंबाई बढ़ाने, प्रसुप्ति तोड़ने और अंगूर के गुच्छों का आकार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथन 4 सही है क्योंकि ऑक्सिन शीर्ष प्रमुखता को नियंत्रित करते हैं। पादप हॉर्मोन और वर्गीकरण के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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