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General Science
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वीनरबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसमुदाय में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
- 2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रम है जो छोटे जनसमुदयों में अधिक प्रभावी होता है, और इसके अंतर्गत 'फाउंडर प्रभाव' (Founder Effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck Effect) जैसी परिघटनाएँ आती हैं जो नई जातियों के उद्भव में योगदान दे सकती हैं।
- 3. डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत में योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the Fittest) का तात्पर्य केवल शारीरिक शक्ति से है, और इसमें हरबर्ट स्पेंसर द्वारा दिए गए इस वाक्यांश का जीव विज्ञान में कोई विकासीय महत्व नहीं है।
- 4. म्यूटेशन थ्योरी (Mutation Theory) के प्रतिपादक ह्यूगो डी व्रीज (Hugo de Vries) के अनुसार, जैव विकास क्रमिक परिवर्तन के माध्यम से नहीं बल्कि अचानक और बड़े उत्परिवर्तन (जिसे 'सॉल्टेशन' कहा जाता है) के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 सही हैं, जबकि कथन 3 असत्य है। डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत में 'योग्यतम की उत्तरजीविता' का अर्थ केवल शारीरिक बल से नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अनुकूलन और प्रजनन सफलता (Reproductive fitness) से होता है। विकिपीडिया संदर्भ
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पर्यावरण?
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भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और एसआई (SI) मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J mol}^{-1} \text{K}^{-1}$
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{kg m}^{-1} \text{s}^{-1}$
3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J s}$
4. स्टीफन-बोल्ट्जमैन नियतांक (Stefan-Boltzmann Constant): विमीय सूत्र $[MT^{-3}K^{-4}]$ और एसआई मात्रक $\text{W m}^{-2} \text{K}^{-4}$
उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कार्यक्षमता C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है।
3. जिब्रेलिन (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्व संधियों (Internodes) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके लंबाई बढ़ाता है, और यह बीजों में अल्फा-एमिलाइज एंजाइम के संश्लेषण को उत्तेजित कर सुषुप्तावस्था को भंग करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, क्योंकि यह सूखे की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि साइटोकैनीन हार्मोन कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect)?
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मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।
2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसिन और फेनिलएलनिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
3. कार्बोहाइड्रेट के संदर्भ में, 'सेलूलोज' एक शाखित पॉलिसैराइड है जो ग्लूकोज की $\alpha$-डी-इकाइयों ($\alpha$-D-glucose) के ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम (सेल्युलेज) की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य नहीं कर पाता।
4. विटामिन डी एक वसा-विलेय विटामिन है जो प्रो-विटामिन के रूप में त्वचा में उपस्थित 7-डिडहाइड्रोकोलेस्टेरॉल पर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से संश्लेषित होता है, तथा सक्रिय हॉर्मोन के रूप में यह आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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