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General Science
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटने तथा प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति बढ़ती जाती है।
  2. 2. संक्रमण तत्वों (d-block elements) में आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्याओं में लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण अपेक्षित क्रमिक कमी नहीं दिखाई देती है, जिससे 5d श्रेणी के तत्वों का आकार लगभग उनकी ठीक ऊपर की 4d श्रेणी के तत्वों के समान हो जाता है।
  3. 3. फ्लोरिन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पॉलिंग पैमाने पर संपूर्ण आवर्त सारणी में सर्वाधिक होती है, किंतु इसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में थोड़ा कम होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरिन के छोटे आकार के कारण होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic Repulsion) है।
  4. 4. किसी तत्व की आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) को प्रभावित करने वाले कारकों में मुख्य रूप से परमाणु का आकार, नाभिकीय आवेश, आवरण प्रभाव (Shielding Effect) और अर्ध-पूरित (Half-filled) तथा पूर्ण-पूरित (Fully-filled) कक्षकों का स्थायित्व शामिल हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि सभी तत्वों की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान ऋणात्मक नहीं होता है; उदाहरण के लिए, उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए यह मान धनात्मक होता है क्योंकि उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्ण रूप से स्थायी होता है और वे इलेक्ट्रॉन ग्रहण नहीं करना चाहतीं। कथन 2 सत्य है क्योंकि लैंथेनाइड संकुचन के कारण 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम) की त्रिज्या लगभग 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम) के बराबर हो जाती है। कथन 3 सत्य है, फ्लोरिन का आकार बहुत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन पर प्रतिकर्षण अधिक होता है, जिससे क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान फ्लोरिन से अधिक हो जाता है। कथन 4 भी पूर्णतः सत्य है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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