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General Science
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पदार्थ के सामान्य गुण (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) उसके अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) का परिणाम है, जिसके कारण द्रव का मुक्त पृष्ठ न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने का प्रयास करता है, और तापमान में वृद्धि होने पर पृष्ठ तनाव का मान सामान्यतः कम हो जाता है।
  2. 2. द्रवों की श्यानता (Viscosity) तापमान बढ़ने पर घट जाती है, क्योंकि अणुओं की उष्मीय ऊर्जा में वृद्धि से उनके बीच का ससंजक बल कमजोर हो जाता है; इसके विपरीत, गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है क्योंकि उच्च तापमान पर गैसों में संवेग का स्थानांतरण बढ़ जाता है।
  3. 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर एक ऊर्ध्वगामी उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और उत्प्लावन बल का यह केंद्र (उत्प्लावन केंद्र) विस्थापित तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
  4. 4. यदि कोई ठोस वस्तु किसी द्रव में तैर रही है, तो वस्तु का कुल भार उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार से कम होता है, और वस्तु के स्थायी संतुलन के लिए उसका गुरुत्व केंद्र उत्प्लावन केंद्र से हमेशा ऊपर होना चाहिए।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 1 में पृष्ठ तनाव की सही परिभाषा और तापमान के साथ उसके संबंध को बताया गया है। कथन 2 में द्रवों और गैसों की श्यानता पर तापमान के विपरीत प्रभावों का सटीक वैज्ञानिक विवरण दिया गया है। कथन 3 आर्किमिडीज के सिद्धांत और उत्प्लावन केंद्र (Center of Buoyancy) की अवस्थिति को सही ढंग से स्पष्ट करता है। कथन 4 गलत है क्योंकि जब कोई वस्तु द्रव में तैरती है, तो वस्तु का कुल भार उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार के 'बराबर' होता है, न कि कम। इसके अलावा, तैरती हुई वस्तु के स्थायी संतुलन के लिए गुरुत्व केंद्र, उत्प्लावन केंद्र से नीचे होना चाहिए, न कि ऊपर। इस विषय से जुड़ी विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
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