त्वरित लिंक्स
General Science
24 views
आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) है, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित किए गए शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी को स्थानांतरित हो जाते हैं, जिसका खंडन वेइज़मैन (Weismann) ने अपने 'जर्मप्लाज्म सिद्धांत' (Germplasm Theory) द्वारा किया था।
- 2. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रम है जो बड़े जनसमुदायों (Large Populations) में अपनी तीव्र प्रभावशीलता के कारण एलील आवृत्तियों में तेजी से परिवर्तन करता है, जबकि छोटे जनसमुदायों में इसका कोई सांख्यिकी महत्व नहीं होता है।
- 3. 'अनुकूली विकिरण' (Adaptive Radiation) का एक उत्कृष्ट उदाहरण डार्विन फिंच (Darwin's Finches) हैं, जिनका विकास गैलापागोस द्वीप समूह पर एक ही मूल प्रजाति से विभिन्न प्रकार की चोंच वाली जातियों के रूप में हुआ है।
- 4. समजात अंग (Homologous Organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और उत्पत्ति समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, और यह 'अपसारी विकास' (Divergent Evolution) का परिणाम होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि जीन बैप्टिस्ट लैमार्क ने उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धांत दिया था, जिसका अगस्त वेइज़मैन ने जर्मप्लाज्म सिद्धांत के माध्यम से खंडन किया था। कथन 2 गलत है क्योंकि 'आनुवंशिक अपवाह' (Genetic Drift) छोटे जनसमुदायों में अत्यधिक प्रभावी होता है, न कि बड़े जनसमुदायों में। कथन 3 सही है क्योंकि गैलापागोस द्वीप समूह की डार्विन फिंचें अनुकूली विकिरण का क्लासिक उदाहरण हैं। कथन 4 सही है क्योंकि समजात अंग उत्पत्ति और मूल संरचना में समान होते हैं और अपसारी विकास को दर्शाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
प्रकाश का अपवर्तन (Refraction) क्या है?
→
मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला विषाणु एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइवायरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD_4^+$ T cells) को संक्रमित करता है और इसकी पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण किया जाता है।
2. मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम की संक्रामक अवस्था 'स्पोरोज़ोइट' (Sporozoite) होती है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करती है, और इसके उपचार के लिए कुनैन (Quinine) का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होती है।
3. क्षय रोग (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत 'मल्टी-ड्रग थेरेपी' दी जाती है जिसमें बीसीजी (BCG) का टीका निवारक के रूप में कार्य करता है।
4. हेपेटाइटिस बी एक विषाणु जनित रोग है जो केवल दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, और यह यकृत को गंभीर रूप से प्रभावित करके सिरोसिस का कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बफर विलयन का pH मान कैसे स्थिर रहता है?
→
यूकैरियोटिक कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'अंतरावस्था' (Interphase) के दौरान 'संश्लेषण चरण' (S Phase) में डीएनए का प्रतिकृति (Replication) होता है, और यदि द्विगुणन के दौरान डीएनए में कोई क्षति या त्रुटि रह जाती है, तो कोशिका 'G2 चरण' में प्रवेश करने से पूर्व ही चक्र को रोकने के लिए 'G2/M चेकपॉइंट' का उपयोग करती है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र अपने अधिकतम संघनन (Condensation) स्तर पर पहुँच जाते हैं और कोशिका के भूमध्यीय तल (Equatorial plate) पर व्यवस्थित होते हैं, जहाँ 'स्पिंडल फाइबर' काइनेटोकोर से जुड़ते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के 'पैकीटीन' (Pachytene) उप-चरण में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहते हैं, और यह प्रक्रिया 'सिक्टोनेमा' (Synaptonemal) कॉम्प्लेक्स के विघटन के बिना ही संपन्न हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) और इससे जुड़े विकासवादी बलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग समीकरण $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ के अनुसार, यदि किसी यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियाँ p और q हैं, तो पीढ़ियों के गुजरने पर भी जीनोटाइप आवृत्तियाँ स्थिर बनी रहती हैं, बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, या आनुवंशिक अपवाह जैसे कारक प्रभावी न हों।
2. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो सामान्यतः बड़ी आबादियों में अधिक तीव्रता से प्रभाव डालते हैं और एलील आवृत्तियों में भारी बदलाव लाते हैं।
3. प्राकृतिक चयन के 'व्यतिकारी चयन' (Disruptive selection) प्रारूप में, औसत या माध्य फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और दोनों चरम (Extreme) फिनोटाइप वाले जीवों का चयन कम होता है, जिससे आबादी में विविधता घट जाती है।
4. अनुकूलन और जैव विकास की प्रक्रिया में, 'जीन प्रवाह' (Gene flow) विभिन्न आबादी के बीच युग्मकों या जीवों के प्रवास के कारण एलील आवृत्तियों में होने वाला स्थानांतरण है, जो आबादी के बीच आनुवंशिक भिन्नता को कम करने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.