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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहीकरण (Blood Groups) के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बॉम्बे रक्त समूह (Bombay Blood Group) सबसे पहले 1952 में मुंबई में खोजा गया था, और इस फेनोटाइप वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) पर 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनके पास 'H' जीन का कार्यात्मक रूप (Fut1) नहीं होता है।
- 2. 'AB' रक्त समूह को सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) इसलिए माना जाता है क्योंकि इनकी प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं, जिससे किसी भी अन्य रक्त समूह (A, B, AB, O) का रक्त चढ़ाने पर लाल रक्त कोशिकाओं का संपिंडन (Agglutination) नहीं होता है।
- 3. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की आंतरिक मार्ग (Intrinsic Pathway) की शुरुआत क्षतिग्रस्त ऊतकों द्वारा 'थ्रॉम्बोप्लास्टिन' (ऊतक कारक या फैक्टर III) के मुक्त होने से होती है, जो त्वरित रूप से कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में फैक्टर VII को सक्रिय करता है।
- 4. हीमोग्लोबिन के एक अणु में चार पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं (दो अल्फा और दो बीटा) होती हैं, और प्रत्येक श्रृंखला के हीम समूह के केंद्र में स्थित फेरस आयन ($Fe^{2+}$) ऑक्सीजन के एक अणु के साथ reversibly (उत्क्रमणीय रूप से) बंध बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बॉम्बे रक्त समूह (hh फेनोटाइप) अत्यधिक दुर्लभ है जिसमें 'H' एंटीजन नहीं होता है। कथन 2 सही है: 'AB' रक्त समूह वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी नहीं होते, इसलिए वे सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'थ्रॉम्बोप्लास्टिन' या ऊतक कारक (Tissue Factor) का मुक्त होना 'बाह्य मार्ग' (Extrinsic Pathway) की शुरुआत करता है, न कि आंतरिक मार्ग की, जबकि आंतरिक मार्ग की शुरुआत संपर्क सक्रियण (Factor XII) द्वारा होती है। कथन 4 सही है: हीमोग्लोबिन के प्रत्येक अणु में 4 हीम समूह होते हैं जो ऑक्सीजन के 4 अणुओं (या 8 ऑक्सीजन परमाणुओं) का परिवहन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'AB' वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) की सतह पर A और B दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्रकार के एंटीबॉडी का पूर्ण अभाव होता है, जिसके कारण उन्हें 'सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता' (Universal Recipient) कहा जाता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group) सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में से एक है, जिसमें व्यक्ति के लाल रक्त कणिकाओं पर 'H प्रतिजन' की अनुपस्थिति होती है, क्योंकि इनमें FUT1 जीन का उत्परिवर्तन होता है, और ऐसा व्यक्ति केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकता है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता के प्रथम गर्भधारण के दौरान ही गंभीर रूप से उत्पन्न हो जाती है, जिससे नवजात शिशु में गंभीर पीलिया और एनीमिया हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटने तथा प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति बढ़ती जाती है।
2. संक्रमण तत्वों (d-block elements) में आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्याओं में लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण अपेक्षित क्रमिक कमी नहीं दिखाई देती है, जिससे 5d श्रेणी के तत्वों का आकार लगभग उनकी ठीक ऊपर की 4d श्रेणी के तत्वों के समान हो जाता है।
3. फ्लोरिन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पॉलिंग पैमाने पर संपूर्ण आवर्त सारणी में सर्वाधिक होती है, किंतु इसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में थोड़ा कम होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरिन के छोटे आकार के कारण होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic Repulsion) है।
4. किसी तत्व की आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) को प्रभावित करने वाले कारकों में मुख्य रूप से परमाणु का आकार, नाभिकीय आवेश, आवरण प्रभाव (Shielding Effect) और अर्ध-पूरित (Half-filled) तथा पूर्ण-पूरित (Fully-filled) कक्षकों का स्थायित्व शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग का विवर्तन (Diffraction)?
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