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General Science
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तरंग का विवर्तन (Diffraction)?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अवरोध के किनारों पर मुड़ना।
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हार्मोनल नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन' (Releasing hormones) अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) के हॉर्मोनों के स्राव को नियंत्रित करते हैं, जबकि पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) का अपना कोई पाचक या अंतःस्रावी संश्लेषण नहीं होता, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) का केवल भंडारण और विमोचन करती है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कुट (Cortex) भाग भ्रूण के एक्टोडर्म से उत्पन्न होता है और यह 'कैटकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का स्राव करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'लड़ो या उड़ो' (Fight or Flight) प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित थायरोक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोन शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR), लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के चयापचय को नियंत्रित करते हैं, तथा इनके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएं 'इंसुलिन' का और बीटा कोशिकाएं 'ग्लूकागन' का स्राव करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को विपरीत दिशा में संतुलित रखते हुए होमियोस्टैसिस बनाए रखते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की केशिका (Capillary) में ऊपर चढ़ने की ऊँचाई केशिका की त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है (ज्युरिन का नियम), और यदि केशिका नली की वास्तविक लंबाई द्रव के संचलन के लिए आवश्यक ऊँचाई से कम हो, तो द्रव नली के ऊपरी छोर तक पहुँचकर फव्वारे की तरह बाहर बहने लगता है।
2. तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity) घटती है क्योंकि अणुओं के बीच संसंजक बल कम हो जाते हैं, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है क्योंकि उच्च तापमान पर गैस अणुओं के बीच संवेग का आदान-प्रदान (विसरण) बढ़ जाता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावक बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का प्रभावी केंद्र विस्थापित द्रव के 'उत्प्लावन केंद्र' (Center of Buoyancy) पर कार्य करता है, जो हमेशा वस्तु के गुरुत्व केंद्र (Center of Gravity) के संपाती होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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द्रव के सामान्य गुणों और उनसे जुड़ी भौतिक परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) के कारण होती है, जिसका कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ाने पर पृष्ठ तनाव का मान घट जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) किसी द्रव का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी विभिन्न परतों के बीच होने वाली相対 गति का विरोध करता है, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. जब किसी केशिका नली (Capillary tube) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जो नली की दीवारों को भिगोता है (जैसे जल और काँच), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है और केशिका नली में द्रव की ऊँचाई नली की त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए द्रव के द्रव्यमान केंद्र पर स्थित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of Buoyancy) कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट तथा लिपिड) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन 'ए' (रेटिनॉल) एक वसा-विलेय विटामिन है जो रोडोप्सिन (Visual purple) के संश्लेषण के लिए आवश्यक होता है, और इसकी कमी से 'रौbit's blindness' (रतौंधी) तथा कॉर्निया का शुष्कन (क्सैरोफथैल्मिया) जैसी बीमारियाँ होती हैं।
2. सुक्रोज एक अपचायक शर्करा (Reducing sugar) है जिसमें ग्लूकोज और फ्रक्टोज इकाइयाँ ग्लाइकोसाइडिक बंध द्वारा जुड़ी होती हैं, और यह फेहलिंग विलयन को अपचयित कर सकती है।
3. ट्राइग्लिसराइड्स (Triacylglycerols) ग्लिसरोल और तीन वसीय अम्ल अणुओं के एस्टर होते हैं, जो शरीर में ऊर्जा के उच्च घनत्व वाले संचय और ऊष्मीय इन्सुलेशन के रूप में कार्य करते हैं।
4. विटामिन 'सी' (एस्कॉर्बिक अम्ल) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन प्रोटीन के संश्लेषण के लिए एक सह-एंजाइम के रूप में कार्य करता है, और इसकी गंभीर कमी से 'स्कर्वी' रोग हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों के माध्यम में संचरण, ध्वनि की चाल और डोप्लर प्रभाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान, संपीड़न (Compression) वाले स्थानों पर माध्यम का दाब और घनत्व दोनों अपने अधिकतम मान पर होते हैं, जबकि विरलन (Rarefaction) के स्थानों पर ये अपने न्यूनतम मान पर होते हैं।
2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है, क्योंकि संपीडन और विरलन के समय उत्पन्न होने वाली ऊष्मा तुरंत परिवेश में विसृत हो जाती है।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता में परिवर्तन के कारण उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक-दूसरे की ओर समान वेग से गति करते हैं, तब श्रोता द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है और वह मूल आवृत्ति के बराबर ही बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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