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General Science
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हार्डी-वेनबर्ग नियम (Hardy-Weinberg principle) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाले जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
  2. 2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादी में अधिक प्रभावी होता है, जो 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) के माध्यम से अनुकूल जीनों की आवृत्ति को तेजी से बढ़ाता है।
  3. 3. लामार्कवाद के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) में 'प्राकृतिक चयन' (Natural selection) की अवधारणा इस बात पर जोर देती है कि जीवों में उत्पन्न होने वाली विभिन्न विभिन्न वंशागत भिन्नताओं में से केवल वही भिन्नताएं प्रकृति द्वारा चुनी जाती हैं जो पर्यावरण के अनुकूल होती हैं।
  4. 4. समजात अंग (Homologous organs), जैसे व्हेल के फलिपर, चमगादड़ के पंख और मानव के हाथ, रचना और उत्पत्ति में समान होते हैं क्योंकि वे अभिसारी विकास (Convergent evolution) का परिणाम होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वेनबर्ग साम्यता यह बताती है कि बिना किसी विकासवादी दबाव के जीन और जीनोटाइप आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुवांशिक अपवाह (Genetic drift) छोटी आबादी में अधिक प्रभावशाली होता है, न कि बड़ी आबादी में। कथन 3 सही है क्योंकि डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत के अनुसार पर्यावरण के अनुकूल भिन्नताओं का चयन होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि समजात अंग (Homologous organs) अपसारी विकास (Divergent evolution) का परिणाम होते हैं, न कि अभिसारी विकास का। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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