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General Science
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मानव शरीर में होने वाले संक्रामक रोगों और उनके रोगजनकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'लेप्रोसी' (कुष्ठ रोग) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) के कारण होता है और यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं (Peripheral nerves) और त्वचा को प्रभावित करता है।
  2. 2. 'ट्रैकोमा' (Trachoma), जो कि एक प्रमुख नेत्र रोग है, क्लैडाइडिया ट्रैकोमैटिस (Chlamydia trachomatis) नामक बैक्टीरिया द्वारा फैलता है और इसके संक्रमण से कॉर्निया में घाव तथा अंधापन हो सकता है।
  3. 3. 'रैबीज' एक विषाणु जनित घातक रोग है जो लाइसावायरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होता है, और यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है तथा इसमें कपाल तंत्रिकाओं की ऐंठन के कारण हाइड्रोफोबिया (जल से डर) के लक्षण प्रकट होते हैं।
  4. 4. 'प्रियन' (Prions) संक्रामक प्रोटीन कण होते हैं जो न्यूक्लिक अम्ल (DNA या RNA) से रहित होते हैं, और इनके कारण मनुष्य में क्रूत्जफिल्ड-जैकोब रोग (CJD) जैसी घातक तंत्रिका संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कुष्ठ रोग (Leprosy) माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु द्वारा होता है। ट्रैकोमा क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु से होने वाला आँख का संक्रमण है जो अंधापन का कारण बन सकता है। रैबीज लाइसावायरस जनित न्यूरोट्रॉपिक बीमारी है जिसमें हाइड्रोफोबिया प्रमुख लक्षण है। प्रियन (Prions) संक्रामक प्रोटीन कण हैं जिनमें आनुवंशिक पदार्थ (DNA/RNA) नहीं होता और ये क्रूत्जफिल्ड-जैकोब रोग (CJD) जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का कारण बनते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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