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General Science
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कौन सा विटामिन घाव भरने में मदद करता है?

Detailed Explanation

विटामिन C।
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→ पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद् (Gametophyte) होता है जो बीजाणुद्भिद् पर पोषण के लिए आश्रित रहता है। 2. C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है क्योंकि इनमें कार्बन डाइऑक्साइड के स्थिरीकरण के लिए 'Hatch-Slack pathway' पाई जाती है, जिसमें PEP carboxylase एंजाइम RuBisCO की तुलना में $CO_2$ के प्रति उच्च बंधुता रखता है। 3. साइटोकाइनिन ($Cytokinin$) मुख्य रूप से कोशिकाओं के विभाजन को प्रेरित करता है, जरण (Senescence) को विलंब करता है, और ऑक्सिन के साथ मिलकर शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को समाप्त करते हुए पार्श्व कलियों की वृद्धि को बढ़ावा देता है। 4. एब्सिसिक अम्ल (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है क्योंकि यह सूखे या जल संकट की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों की प्रसुप्ति (Seed dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → परमाणु भट्ठी में मंदक के रूप में किसका प्रयोग होता है? → आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों की आवर्तिता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को विलग करने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' कहलाती है, और आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु आकार घटने के कारण आयनन एन्थैल्पी सामान्यतः बढ़ती है, तथापि ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी नाइट्रोजन से कम होती है क्योंकि नाइट्रोजन के $2p$ कक्षकों में अर्ध-पूरित (half-filled) विन्यास का अतिरिक्त स्थायित्व पाया जाता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान फ्लोरिन (-328 kJ/mol) की तुलना में क्लोरीन (-349 kJ/mol) के लिए अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरिन परमाणु का अत्यंत छोटा आकार होना है, जिससे आने वाले इलेक्ट्रॉन पर तीव्र अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण उत्पन्न होता है। 3. लैंथेनाइड आकुंचन (Lanthanoid contraction) के प्रभावस्वरूप, संक्रमण तत्वों की दूसरी और तीसरी श्रेणियों (जैसे ज़िरकोनियम और हाफ़िज़ियम) के तत्वों की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसके कारण उनके रासायनिक गुण अत्यधिक भिन्न हो जाते हैं और उन्हें पृथक् करना बहुत आसान हो जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → क्लोरोफिल में क्या? → प्रथम कोटि अभिक्रिया का दर नियतांक मात्रक?
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