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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण और रक्त समूहों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-नेगेटिव (Rh-) माँ और Rh-पॉजिटिव (Rh+) पिता की संतान होती है, जिससे पहली Rh+ संतान के जन्म के समय माँ के शरीर में एंटी-Rh एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं और यह दूसरी Rh+ गर्भावस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
  2. 2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H' एंटीजन अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे केवल 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं और सामान्य 'O' रक्त समूह का रक्त भी उनके लिए घातक हो सकता है।
  3. 3. एबीओ (ABO) रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जबकि प्लाज्मा में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीबॉडी (इम्यूनोग्लोबुलिन) मुख्य रूप से IgM प्रकार के होते हैं।
  4. 4. रक्त स्कंदन (Blood coagulation) के दौरान, आंतरिक मार्ग (Intrinsic pathway) की शुरुआत 'हागेमान फैक्टर' (कार फैक्टर XII) के सक्रियण से होती है, जिसके लिए ऊतक थ्रॉम्बोप्लास्टिन (टिश्यू फैक्टर) का होना अनिवार्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस तब होता है जब Rh- माँ के गर्भ में Rh+ भ्रूण पल रहा होता है। बॉम्बे फेनोटाइप में 'H' एंटीजन की कमी होती है। ABO रक्त समूहों में IgM प्रकार के प्राकृतिक एंटीबॉडी पाए जाते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि आंतरिक मार्ग (Intrinsic pathway) के सक्रियण के लिए ऊतक थ्रॉम्बोप्लास्टिन (जो कि बाह्य मार्ग का हिस्सा है) की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि यह रक्त वाहिका के संपर्क में आने वाले संपर्क कारकों (Contact factors) से शुरू होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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