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General Science
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी गैस में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया होती है, क्योंकि संपीडन और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि ऊष्मा का आदान-प्रदान (Heat exchange) संभव नहीं हो पाता है।
- 2. लाप्लास द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, न्यूटन के सूत्र में आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के स्थान पर समतापीय प्रत्यास्थता गुणांक का उपयोग किया गया, जिससे सामान्य ताप पर हवा में ध्वनि की गति का प्रायोगिक मान (लगभग 332 m/s) सटीक रूप से प्राप्त हुआ।
- 3. जब कोई ध्वनि स्रोत किसी स्थिर श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का मान वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होता है, और यह परिघटना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler Effect) कहलाती है।
- 4. अपश्रव्य तरंगों (Infrasonic waves) की आवृत्ति 20 Hz से कम होती है, जिन्हें मानव कान द्वारा नहीं सुना जा सकता, जबकि पराश्रव्य तरंगों (Ultrasonic waves) का उपयोग सोनार (SONAR) प्रणाली में समुद्र की गहराई मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि गैसों में ध्वनि तरंगों का चलना एक रुद्धोष्म प्रक्रिया है। कथन 2 गलत है क्योंकि लाप्लास (Laplace) ने न्यूटन के सूत्र में समतापीय प्रत्यास्थता के स्थान पर 'रुद्धोष्म प्रत्यास्थता' (Adiabatic elasticity) को प्रतिस्थापित किया था, न कि समतापीय को। कथन 3 और 4 सही हैं; स्रोत और श्रोता की相対 गति से आवृत्ति परिवर्तन को विकिपीडिया संदर्भ (डॉप्लर प्रभाव) द्वारा समझा जाता है।
Related Questions
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पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) कहलाती है, जिसका मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल है, और तापमान में वृद्धि होने पर इसका मान घट जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घटती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
3. जब किसी केशिका नली (Capillary tube) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जो नली की दीवारों को नहीं भिगोता है (जैसे जल और चाँदी का संपर्क), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ने के बजाय नीचे दब जाता है और अवनमन प्रदर्शित करता है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और इस उत्प्लावन बल का प्रभावकारी केंद्र हटाए गए द्रव के द्रव्यमान केंद्र पर स्थित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) का मान हमेशा क्या होता है?
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अनुनाद (Resonance)?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक दीर्घकालिक जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) के कारण होता है और यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं तथा त्वचा को प्रभावित करता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तीव्र न्यूरोलॉजिकल रोग है जो लिस्सावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित करने के बाद इस रोग की मृत्यु दर लगभग 100% तक होती है।
3. 'कालाजार' (Kala-azar) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो 'लिसरनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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किसी प्रथम कोटि (First Order) की अभिक्रिया का अर्द्ध-आयु काल (Half-life) किसके समानुपाती होता है?
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