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General Science
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पादप जगत के वर्गीकरण, पुष्पी पादपों की विशेषताओं और प्रकाश संश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians of the plant kingdom) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे यद्यपि मृदा में उगते हैं, लेकिन निषेचन की प्रक्रिया के लिए इन्हें जल की अनिवार्य रूप से आवश्यकता होती है और इनमें वास्तविक संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
- 2. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) एक अद्वितीय विशेषता है, जिसमें एक नर युग्मक अंडे की कोशिका से संलयन करके युग्मकोद्भिद बनाता है और दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन करके त्रिगुणित ($3n$) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) का निर्माण करता है।
- 3. 'क्रैज़ एनाटॉमी' (Kranz Anatomy) C3 पौधों की एक प्रमुख विशेषता है, जिसमें बंडल शीथ कोशिकाओं के चारों ओर क्लोरोप्लास्ट युक्त मेसोफिल कोशिकाएँ एक वलय के रूप में व्यवस्थित होती हैं, जो उच्च तापमान पर प्रकाश श्वसन को रोकने में सहायक होती हैं।
- 4. प्रकाश संश्लेषण की 'प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रिया' (Dark Reaction या केल्विन चक्र) हरित लवक के स्ट्रोमा (Stroma) में संपन्न होती है, जहाँ एटीपी (ATP) और एनएडीपीएच (NADPH) का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड का अपचयन शर्करा में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ब्रायोफाइट्स को पादप जगत के उभयचर कहा जाता है क्योंकि वे भूमि पर जीवित रह सकते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं और उनमें संवहन ऊतक नहीं पाए जाते। कथन 2 सही है क्योंकि आवृतबीजी पौधों में दोहरा निषेचन होता है, जिसके परिणामस्वरूप त्रिगुणित भ्रूणपोष बनता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'क्रैज़ एनाटॉमी' (Kranz Anatomy) C4 पौधों (जैसे मक्का और गन्ना) की विशेषता है, न कि C3 पौधों की। कथन 4 सही है क्योंकि केल्विन चक्र या डार्क रिएक्शन हरित लवक के स्ट्रोमा में होती है। विकिपीडिया संदर्भ
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प्रकाश तरंगें कैसी तरंगें हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों की संरचना और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली (Inner membrane) पर 'ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण' की प्रक्रिया संपन्न होती है, जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) के दौरान बनने वाले 'क्रिस्टा' (Cristae) झिल्ली के सतही क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं, और इसके मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र के सभी आवश्यक एंजाइम पाए जाते हैं, सिवाय 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' के जो आंतरिक झिल्ली से जुड़ा होता है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा आमतौर पर अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) की ओर और 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, और यह मुख्य रूप से प्रोटीन के ग्लाइकोसिलेशन तथा लिपिड के ग्लाइकोजिनेशन जैसी रूपांतरण प्रक्रियाओं का प्रमुख स्थल है।
3. लिसोसॉउस (Lysosomes) एक एकल झिल्लीबद्ध कोशिकांग हैं जिनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अम्लीय वातावरण को बनाए रखने के लिए साइटोप्लाज्म से प्रोटॉन ($H^+$) को सक्रिय रूप से पंप किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रोटीन फैक्ट्री?
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और उनके एसआई मात्रकों (SI Units) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सार्वत्रिक गैस स्थिरांक' (Universal Gas Constant, R) की विमा $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ होती है, और इसका एसआई मात्रक जूल प्रति केल्विन प्रति मोल ($J\,K^{-1}\,mol^{-1}$) है।
2. 'प्लांक स्थिरांक' (Planck's Constant, h) की विमा वही होती है जो 'कोणीय संवेग' (Angular Momentum) की विमा होती है, अर्थात $[ML^2T^{-1}]$, और इसका मात्रक जूल-सेकंड ($J\cdot s$) है।
3. 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) का एसआई मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) है, किंतु इसकी विमीय सूत्र को व्यक्त करते समय समय की घात ($T$) धनात्मक रूप में $[T^2]$ होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो युग्मकोद्भिद पर पूर्ण रूप से आश्रित रहता है।
2. प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश-स्वतंत्र चरण (केल्विन चक्र) के दौरान, कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण मुख्य रूप से C3 पौधों में RuBisCO एंजाइम द्वारा होता है, जबकि C4 पौधों में यह प्रक्रिया पहले मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड के रूप में पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में होती है।
3. ऑक्सिन (Auxin) और जिबरेलिन (Gibberellin) दोनों पादप वृद्धि प्रवर्धक (Growth promoters) हैं, जहाँ ऑक्सिन शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है, वहीं जिबरेलिन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की लंबाई में वृद्धि और पर्णरंध्रों को बंद करने को प्रेरित करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक पादप वृद्धि inhibitor (संदमक) है जो तनाव हार्मोन के रूप में कार्य करता है, तथा यह सूखे या जल-तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) के बंद होने को प्रेरित करता है ताकि वाष्पोत्सर्जन को कम किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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