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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
  2. 2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असांरक्षी बलों जैसे घर्षण बल के लिए नहीं।
  3. 3. जब कोई निकाय प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) से गुजरता है, तो न केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, बशर्ते इस प्रक्रिया में कोई भी यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि के रूप में क्षय न हो।
  4. 4. अपकेंद्री बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र की ओर कार्य करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संरक्षी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल या स्थिर वैद्युत बल) के अंतर्गत किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता और बंद पथ में शून्य होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि कार्य-ऊर्जा प्रमेय संरक्षी और असांरक्षी (जैसे घर्षण) दोनों प्रकार के बलों के लिए समान रूप से मान्य है। कथन 3 सही है क्योंकि प्रत्यास्थ टक्कर में रैखिक संवेग और गति दोनों का कुल योग संरक्षित रहता है। कथन 4 गलत है क्योंकि अपकेंद्री बल एक 'आभासी या छद्म बल' (Pseudo force) है जो अजड़त्वीय (Non-inertial) निर्देश तंत्र में अनुभव होता है, न कि वास्तविक बल। विकिपीडिया संदर्भ
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