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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारsec (पारसेक) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो एक खगोलीय इकाई (AU) द्वारा किसी तारे पर अंतरित 1 चाप सेकण्ड (arcsecond) के कोण से संबंधित है, और यह लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
- 2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो किसी गोले के केंद्र पर उसके क्षेत्रफल द्वारा बनाए गए घन कोण (Solid angle) को मापता है, और यह एक विमाहीन राशि नहीं है क्योंकि इसका अपना एक अलग विमीय सूत्र होता है।
- 3. सांद्रता, आवृत्ति और पृष्ठ तनाव जैसी भौतिक राशियों में पृष्ठ तनाव का SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($ ext{N/m}$) होता है, जिसे मूल मात्रकों के पदों में किलोग्राम प्रति सेकंड वर्ग ($ ext{kg s}^{-2}$) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- 4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक लंबे समयान्तरालों और कालिक गणनाओं के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष या $3.08 imes 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'स्टेरेडियन' पूरक मात्रक (Supplementary unit) है जो घन कोण को मापता है, परंतु यह एक विमाहीन (Dimensionless) राशि है क्योंकि यह दो लम्बाइयों के वर्गों का अनुपात होती है। कथन 3 सही है क्योंकि पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का सूत्र बल प्रति एकांक लंबाई ($F/L$) होता है, जिसका SI मात्रक $ ext{N/m}$ है और विमीय विश्लेषण के अनुसार इसे $ ext{[M T}^{-2} ext{]}$ अर्थात् $ ext{kg s}^{-2}$ लिखा जा सकता है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'प्रकाश वर्ष' समय की नहीं बल्कि दूरी की एक इकाई है, जो निर्वात में प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय की गई दूरी को दर्शाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के रासायनिक व्यवहार और उनके विशिष्ट गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) में कार्बन-कार्बन त्रिक बंध उपस्थित होने के कारण ये उच्च असंतृप्त यौगिक होते हैं, किंतु जलीय माध्यम में इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय क्यूप्रस क्लोराइड विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) के दौरान प्राप्त होने वाले 'डीजल ईंधन' की गुणवत्ता का निर्धारण उसकी 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) के आधार पर किया जाता है, जिसमें जितनी अधिक ऑक्टेन संख्या होगी, डीजल की स्फोटक-विरोधी (Anti-knock) क्षमता उतनी ही बेहतर होगी।
3. कोल गैस (Coal gas) मुख्य रूप से हाइड्रोजन, मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड का एक ज्वलनशील गैसीय मिश्रण है, जिसका उपयोग औद्योगिक ईंधन के रूप में किया जाता है।
4. बेन्जीन चक्र में उपस्थित सभी कार्बन-कार्बन बंधों की लंबाई एकल बंध और द्वि बंध के मध्य की होती है, जो इसकी अनुनादी संरचना (Resonance structure) और उच्च स्थायित्व को प्रदर्शित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनका कोणीय संवेग $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण गुणज होता है, और इन कक्षाओं को स्थायी कक्षाएँ या ऊर्जा स्तर कहा जाता है।
2. डी ब्रॉग्ली की परिकल्पना के अनुसार, प्रत्येक गतिमान द्रव्य कण तरंग और कण दोनों प्रकार के द्वैत (Dual) स्वभाव को प्रदर्शित करता है, और कण की तरंगदैर्ध्य उसके संवेग के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
3. पाउली के अपवर्जन नियम के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m$ और $s$) के मान सर्वथा समान हो सकते हैं, बशर्ते वे भिन्न उपकोशों में स्थित हों।
4. हुंड के अधिकतम बहुलकता नियम के अनुसार, किसी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता, जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समानांतर चक्रण के साथ भर न जाए, जैसा कि विकिपीडिया संदर्भ में वर्णित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कार्यक्षमता C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है।
3. जिब्रेलिन (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्व संधियों (Internodes) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके लंबाई बढ़ाता है, और यह बीजों में अल्फा-एमिलाइज एंजाइम के संश्लेषण को उत्तेजित कर सुषुप्तावस्था को भंग करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, क्योंकि यह सूखे की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि साइटोकैनीन हार्मोन कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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नाइट्रोजन?
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ध्वनि तरंगों और तरंग गति (Wave Motion) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जबकि दाब में परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
2. अनुप्रस्थ तरंगें केवल उन्हीं माध्यमों में उत्पन्न की जा सकती हैं जिनमें अपरोपण प्रतिबल (Shear stress) को सहन करने की क्षमता हो, यही कारण है कि अनुप्रस्थ तरंगें गैसों और द्रवों के भीतर संचरित नहीं हो सकतीं (किंतु द्रवों के पृष्ठ पर संचरित हो सकती हैं)।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम سے दूसरे माध्यम में जाती हैं, तो उनकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के बदलने के कारण उनके वेग में परिवर्तन हो जाता है।
4. अनुनाद (Resonance) की परिघटना तब घटित होती है जब किसी वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति (Natural frequency) बाह्य रूप से आरोपित आवर्त बल की आवृत्ति के बराबर हो जाती है, जिससे आयाम में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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