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General Science
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भौतिक राशियों की विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) और मापन की त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यदि किसी भौतिक राशि का सूत्र $X = \frac{A^2 b^{1/2}}{C^3 D^4}$ है, और मापन में A, B, C तथा D की आपेक्षिक त्रुटियाँ क्रमशः $1\%, 2\%, 3\%$ और $1\%$ हैं, तो राशि X के मापन में अधिकतम संभव प्रतिशत त्रुटि $11\%$ होगी।
  2. 2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) और 'रेडियन' (Radian) दोनों ही पूरक भौतिक राशियाँ (Supplementary quantities) हैं, जिनके अपने स्वयं के मात्रक होते हैं किंतु ये दोनों ही विमाहीन (Dimensionless) राशियाँ हैं।
  3. 3. विमीय समांगता के सिद्धांत (Principle of Homogeneity of Dimensions) के अनुसार, किसी भी भौतिक समीकरण में दोनों पक्षों के प्रत्येक पद के विमीय सूत्र समान होने चाहिए, और इस सिद्धांत का उपयोग करके किसी भी प्रकार के समीकरण की पूर्ण सत्यता (Absolute correctness) की सौ प्रतिशत गारंटी दी जा सकती है, भले ही समीकरण में कोई विमा-रहित नियतांक क्यों न हो।
  4. 4. पार्सेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो किसी चाप द्वारा 1 आर्कसेकंड का कोण बनाने पर आधारित होती है, और यह लगभग $3.08 \times 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि त्रुटियों के संयोजन के नियम के अनुसार $\frac{\Delta X}{X} = 2\frac{\Delta A}{A} + \frac{1}{2}\frac{\Delta B}{B} + 3\frac{\Delta C}{C} + 4\frac{\Delta D}{D} = 2(1\%) + \frac{1}{2}(2\%) + 3(3\%) + 4(1\%) = 2 + 1 + 9 + 4 = 16\% $ नहीं बल्कि गणना के अनुसार: $2(1) + 0.5(2) + 3(3) + 4(1) = 2 + 1 + 9 + 4 = 16\%$, किंतु यहाँ दिए गए मानों से त्रुटि गणना करते हैं: यदि B की त्रुटि 2% हो तो $\frac{1}{2} \times 2 = 1\%$, A का $2 \times 1 = 2\%$, C का $3 \times 3 = 9\%$, D का $4 \times 1 = 4\%$, कुल योग $2+1+9+4 = 16\%$. (पुनः जाँच: कथन 1 में मानों का संयोजन 11% दिया है जो गलत है, अतः कथन 1 गलत है। त्रुटि गणना: $2(1) + \frac{1}{2}(2) + 3(3) + 4(1) = 16\%$, इसलिए कथन 1 अशुद्ध है।) आइए सही कथनों का विश्लेषण करें: कथन 2 सही है: रेडियन (कोण) और स्टेरेडियन (घन कोण) पूरक राशियाँ हैं जिनकी विमाएँ नहीं होतीं ($M^0 L^0 T^0$) लेकिन मात्रक होते हैं। कथन 3 गलत है: विमीय समांगता विधि से केवल समीकरण की विमीय शुद्धता की जाँच की जा सकती है, यह इस बात की गारंटी नहीं देती कि समीकरण पूर्णतः सही है क्योंकि विमा-रहित स्थिरांक (जैसे $\frac{1}{2}, 2\pi$ आदि) का पता इस विधि से नहीं लगाया जा सकता। कथन 4 सही है: पार्सेक खगोलीय दूरी की सबसे बड़ी इकाई है जो $3.26$ प्रकाश वर्ष या लगभग $3.08 \times 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है। अतः केवल 2 और 4 सही हैं, जिससे सही उत्तर विकल्प 'a' बनता है (मान लीजिए यदि कथन 1 में त्रुटि योग 16% है)। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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