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General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B$_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विघटनीय विटामिन है जो यकृत (Liver) में कई वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की पैराइटल कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
  2. 2. 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) रोग गंभीर प्रोटीन की कमी के कारण होता है जिसमें ऊर्जा की कमी प्रमुख नहीं होती, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की गंभीर कमी से उत्पन्न होने वाला विकार है जो आमतौर पर शिशुओं में देखा जाता है।
  3. 3. जल-में-घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन C और B समूह के विटामिन) शरीर में आसानी से संग्रहित हो जाते हैं, जिसके कारण इनकी दैनिक आवश्यकता नहीं होती और इनके अत्यधिक सेवन से 'हाइपरविटामिनोसिस' की स्थिति उत्पन्न होती है।
  4. 4. हमारे शरीर में 'आवश्यक वसीय अम्ल' (Essential fatty acids), जैसे लिनोलिक और लिनोलेनिक अम्ल, का संश्लेषण स्वतः नहीं हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B$_{12}$ पानी में घुलनशील होने के बावजूद यकृत में संग्रहित हो सकता है और इसके अवशोषण हेतु कैसल का आंतरिक कारक आवश्यक है। कथन 2 सही है; क्वाशियोकोर केवल प्रोटीन की कमी से और मरास्मस प्रोटीन व कैलोरी दोनों की कमी से होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि जल-में-घुलनशील विटामिन शरीर में संग्रहित नहीं होते, बल्कि मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाते हैं, अतः इनकी नियमित आवश्यकता होती है (वसा-में-घुलनशील विटामिन जैसे विकिपीडिया संदर्भ शरीर में संचित होते हैं)। कथन 4 सही है क्योंकि आवश्यक वसीय अम्ल शरीर द्वारा संश्लेषित नहीं किए जा सकते। अतः सही विकल्प (a) है।
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