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General Science
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों और उत्प्रेरण (Catalysis) के रासायनिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी तनु विलयन का परासरण दाब ($P$) उस विलयन की मोलर सांद्रता और परम तापमान के गुणनफल के समानुपाती होता है, जो 'वांट हॉफ समीकरण' (van 't Hoff equation) द्वारा व्यक्त किया जाता है और यह एक अणुसंख्यक गुण है।
  2. 2. जब किसी वैद्युत अपघट्य जैसे $NaCl$ को जल में घोला जाता है, तो इसके वियोजन के कारण वांट हॉफ गुणांक ($i$) का प्रायोगिक मान 1 से कम प्राप्त होता है, क्योंकि आयन आपस में मिलकर युग्म बना लेते हैं।
  3. 3. जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक ($TiCl_4$ और $Al(C_2H_5)_3$ का मिश्रण) का उपयोग उच्च घनत्व पॉलीथीन (HDPE) के संश्लेषण में 'विषमांग उत्प्रेरण' के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में किया जाता है।
  4. 4. एंजाइम उत्प्रेरण की 'प्रेरित फिट परिकल्पना' (Induced Fit Hypothesis) यह दर्शाती है कि एंजाइम का सक्रिय स्थल कठोर और अपरिवर्तनीय होता है, जिसमें सबस्ट्रेट के जुड़ने पर भी उसकी संरचना में कोई बदलाव नहीं आता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि परासरण दाब एक अणुसंख्यक गुण है जो वांट हॉफ समीकरण $\pi = CRT$ का पालन करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि मजबूत वैद्युत अपघट्य ($NaCl$) के जलीय विलयन में पूर्ण वियोजन होने के कारण वांट हॉफ गुणांक ($i$) का मान 1 से अधिक (लगभग 2 के करीब) होता है। कथन 3 सही है क्योंकि जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक (Ziegler-Natta catalyst) बहुलकीकरण प्रक्रिया में विषमांग उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। कथन 4 गलत है क्योंकि कोशल द्वारा दी गई 'प्रेरित फिट परिकल्पना' के अनुसार एंजाइम का सक्रिय स्थल लचीला होता है, कठोर नहीं।
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