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General Science
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये स्थल पर जीवित रह सकते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर अनिवार्य रूप से निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
- 2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कैल्विन चक्र से पहले 'हॅच-स्लैक मार्ग' (Hatch-Slack pathway) पाया जाता है, जिसमें प्राथमिक $CO_2$ ग्राही मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनालपाइरुवेट (PEP) होता है, जो प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर को न्यूनतम करने में सहायक होता है।
- 3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हार्मोन (Stress hormone) है जो पौधों में जल की कमी या सूखे की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिबरेलिन' तने की लंबाई में वृद्धि और आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने का कार्य करता है।
- 4. ऑक्सिन (Auxin) का प्रमुख प्राकृतिक उदाहरण 'इंडोल-3-एसिटिक एसिड' (IAA) है, जो प्ररोह के अग्रभाग में संश्लेषित होकर पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) को प्रेरित करता है और पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को बढ़ावा देता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का उभयचर कहा जाता है; इनमें जाइलम और फ्लोएम जैसे वास्तविक संवहनी ऊतक नहीं होते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि C4 पौधों में 'हॅच-स्लैक मार्ग' होता है जहाँ PEP प्रथम ग्राही है, जो फोटोरेस्पिरेशन को कम करता है। कथन 3 सही है क्योंकि एब्सिसिक एसिड (ABA) को तनाव हार्मोन कहा जाता है जो सूखे के समय स्टोमेटा बंद करता है। कथन 4 गलत है क्योंकि ऑक्सिन (IAA) शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) उत्पन्न करता है, जिसके कारण यह पार्श्व (lateral) कलिकाओं की वृद्धि को 'रोकटा' है न कि बढ़ावा देता है। पादप हार्मोनों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनरबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसमुदाय में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रम है जो छोटे जनसमुदयों में अधिक प्रभावी होता है, और इसके अंतर्गत 'फाउंडर प्रभाव' (Founder Effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck Effect) जैसी परिघटनाएँ आती हैं जो नई जातियों के उद्भव में योगदान दे सकती हैं।
3. डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत में योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the Fittest) का तात्पर्य केवल शारीरिक शक्ति से है, और इसमें हरबर्ट स्पेंसर द्वारा दिए गए इस वाक्यांश का जीव विज्ञान में कोई विकासीय महत्व नहीं है।
4. म्यूटेशन थ्योरी (Mutation Theory) के प्रतिपादक ह्यूगो डी व्रीज (Hugo de Vries) के अनुसार, जैव विकास क्रमिक परिवर्तन के माध्यम से नहीं बल्कि अचानक और बड़े उत्परिवर्तन (जिसे 'सॉल्टेशन' कहा जाता है) के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ओजोन?
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विद्युत ऋणात्मकता सर्वाधिक किसकी?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और सर्किट (Electricity) की संकल्पनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है और तापमान में वृद्धि होने पर धात्विक चालकों का प्रतिरोध घट जाता है क्योंकि मुक्त इलेक्ट्रॉनों का विश्राम काल (Relaxation time) बढ़ जाता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है, और परिपथ में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान प्रत्येक प्रतिरोधक पर भिन्न-भिन्न होता है।
4. एक आदर्श वोल्टमीटर का आंतरिक प्रतिरोध अनंत होना चाहिए ताकि वह जिस उपकरण के समांतर क्रम में जोड़ा जाए, उससे कोई विद्युत धारा न खींचे और विभवांतर का यथार्थ मापन कर सके, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की झिल्ली पर ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के एंटीजन (एग्लूटिनोजन) उपस्थित होते हैं, जबकि प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से विशिष्ट एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) पाए जाते हैं, और कार्ल लैंडस्टीनर ने एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी की उपस्थिति के आधार पर ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज की थी।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Phenotype) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' का पूर्णतः अभाव होता है, क्योंकि इनमें FUT1 जीन उत्परिवर्तित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति को रक्त दे तो सकते हैं परंतु केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
3. Rh कारक का आनुवंशिक संचरण मुख्य रूप से एक बहु-युग्मविक (Multiple allele) प्रणाली द्वारा नियंत्रित होता है, और Rh-धनात्मक रक्त को Rh-ऋणात्मक व्यक्ति में पहली बार चढ़ाने पर प्लाज्मा में तीव्र गति से एंटी-D एंटीबॉडी का निर्माण होता है, जिससे तत्काल गंभीर हीमोलिटिक आधान प्रतिक्रिया (Hemolytic transfusion reaction) होती है।
4. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-ऋणात्मक माता का गर्भ Rh-धनात्मक भ्रूण से युक्त होता है, जिसमें प्रथम संतान सामान्य जन्म लेती है किंतु प्रसव के दौरान भ्रूण के Rh-धनात्मक एरिथ्रोसाइट्स माता के परिसंचरण में प्रवेश करके प्राथमिक प्रतिरक्षा अनुक्रिया को प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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