त्वरित लिंक्स
General Science
31 views
चुंबक का ध्रुव?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दो।
Related Questions
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन को जोड़ने पर हमेशा ऊर्जा का निष्कासन होता है।
2. आवर्त सारणी में वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) के मान में सामान्यतः कमी आती है, किंतु संक्रमण तत्वों की तीसरी श्रेणी (5d) के तत्वों की आयनन एन्थैल्पी अपने ठीक ऊपर की दूसरी श्रेणी (4d) के तत्वों की तुलना में अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण लैंथेनाइड संकुचन के कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश में अत्यधिक वृद्धि है।
3. फ्लोरिन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पॉलिंग पैमाने पर संपूर्ण आवर्त सारणी में सर्वाधिक (4.0) होती है, लेकिन इसकी प्रथम इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है क्योंकि फ्लोरिन का आकार बहुत छोटा होता है।
4. किसी तत्व की धात्विक प्रकृति आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर घटती है क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति कम हो जाती है, जबकि वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक प्रकृति बढ़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों (Diagnostic Tests) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वाइन फ्लू (H1N1 इनफ्लूएंजा) एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके संपुष्टि परीक्षण के लिए 'रियल-टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस पॉलीमरेज चेन रिएक्शन' (rRT-PCR) विधि का उपयोग किया जाता है।
2. उपदंश (Syphilis) एक यौन संचारित बैक्टीरियल संक्रमण है जो 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' नामक स्पिरोकीट जीवाणु के कारण होता है, और इसके निदान के लिए 'वीडीआरएल' (VDRL) परीक्षण किया जाता है।
3. डिप्थीरिया मुख्य रूप से 'कोरिबैक्टीरियम डिप्थिरिया' जीवाणु के संक्रमण से होता है, जिसमें बनने वाला एक्सोटॉक्सिन श्वास नली में एक स्रावी झिल्ली (Pseudomembrane) बनाता है, और इसकी संवेदनशीलता की जांच 'शिस परीक्षण' (Schick test) द्वारा की जाती है।
4. कुष्ठ रोग (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणु जनित संक्रामक बीमारी है जो तंत्रिका तंत्र और त्वचा को प्रभावित करती है, और इसके परीक्षण के लिए 'लीप्रोमिन परीक्षण' (Lepromin test) का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और भारहीनता की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्तीय कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total mechanical energy) सदैव ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और यदि उपग्रह की कुल ऊर्जा को शून्य या धनात्मक कर दिया जाए, तो वह अपनी कक्षा को छोड़कर परवलयिक या अतिपरवलयिक पथ पर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा।
2. पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को 'भारहीनता' (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और अंतरिक्ष यात्री दोनों पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण (गुरुत्वीय त्वरण) से मुक्त रूप से गिर रहे होते हैं, जिससे यात्री द्वारा फर्श पर लगाया जाने वाला अभिलंब प्रतिक्रिया बल शून्य हो जाता है।
3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमा की अवधि ठीक 24 घंटे होती है, और इसे पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिम से पूर्व की ओर स्थापित किया जाता है, किंतु यह उपग्रह पृथ्वी के किसी भी ध्रुवीय क्षेत्र के ठीक ऊपर स्थिर नहीं रह सकता क्योंकि इसका कक्षीय तल हमेशा विषुवत वृत्त (Equator) के संपाती होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) की प्रकृति और ध्वनि तरंगों के विभिन्न माध्यमों में संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं, जिससे माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) क्षेत्रों का निर्माण होता है।
2. किसी ठोस माध्यम में ध्वनि की चाल (Velocity of sound) उस माध्यम के प्रत्यास्थता गुणांक (Elastic modulus) के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती और उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, यही कारण है कि ध्वनि की चाल गैसों की तुलना में ठोसों में अधिकतम होती है।
3. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के इस सूत्र में संशोधन किया गया था कि गैसों में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है; लाप्लास के अनुसार यह प्रक्रिया रुद्धोष्म (Adiabatic) होती है, क्योंकि संपीडन और विरलन इतनी तेज़ी से होते हैं कि उत्पन्न ऊष्मा को बाहर जाने का समय नहीं मिलता है।
4. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं, तो उनकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के बदलने के कारण उनकी चाल में परिवर्तन हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम के रूप में कार्य करता है, और इसकी कमी से संयोजी ऊतकों की कमजोरी तथा स्कर्वी रोग उत्पन्न होता है।
2. ट्रिप्टोफैन एक आवश्यक अमीनो अम्ल है, जिससे मानव शरीर में 'नियासिन' (विटामिन B3) और 'सेरोटोनिन' न्यूरोट्रांसमीटर का जैव-संश्леषण होता है, तथा इसकी पूर्ण कमी से 'पेलॅग्रा' (Pellagra) रोग हो सकता है।
3. वसा-विलेय विटामिन 'टोकॉफेरॉल' (विटामिन E) एक शक्तिशाली अंतःकोशिकी एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिका झिल्ली में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स को पेरोक्सीडेशन से बचाता है, और इसकी कमी से पुरुषों में बंध्यापन तथा महिलाओं में गर्भपात की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
4. कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान 'थायमिन' (विटामिन B1) अपने सक्रिय सह-एंजाइम रूप यानी थायमिन पाइरोफॉस्फेट के रूप में पादप और जंतु कोशिकाओं में पाइरुवेट के एसिटाइल-कोएंजाइम-A में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन को उत्प्रेरित नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.