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General Science
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मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम के रूप में कार्य करता है, और इसकी कमी से संयोजी ऊतकों की कमजोरी तथा स्कर्वी रोग उत्पन्न होता है।
  2. 2. ट्रिप्टोफैन एक आवश्यक अमीनो अम्ल है, जिससे मानव शरीर में 'नियासिन' (विटामिन B3) और 'सेरोटोनिन' न्यूरोट्रांसमीटर का जैव-संश्леषण होता है, तथा इसकी पूर्ण कमी से 'पेलॅग्रा' (Pellagra) रोग हो सकता है।
  3. 3. वसा-विलेय विटामिन 'टोकॉफेरॉल' (विटामिन E) एक शक्तिशाली अंतःकोशिकी एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिका झिल्ली में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स को पेरोक्सीडेशन से बचाता है, और इसकी कमी से पुरुषों में बंध्यापन तथा महिलाओं में गर्भपात की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
  4. 4. कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान 'थायमिन' (विटामिन B1) अपने सक्रिय सह-एंजाइम रूप यानी थायमिन पाइरोफॉस्फेट के रूप में पादप और जंतु कोशिकाओं में पाइरुवेट के एसिटाइल-कोएंजाइम-A में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन को उत्प्रेरित नहीं करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) कोलेजन संश्लेषण के लिए प्रोलाइन और लाइसिन के हाइड्रॉक्सीलेशन को उत्प्रेरित करने वाले एंजाइमों के लिए एक महत्वपूर्ण सह-कारक है। ट्रिप्टोफैन एक आवश्यक अमीनो अम्ल है जिससे शरीर में नियासिन (विटामिन बी3) का संश्लेषण होता है। विटामिन ई (टोकॉफेरॉल) एक प्रमुख वसा-विलेय एंटीऑक्सीडेंट है। कथन 4 गलत है क्योंकि थायमिन पाइरोफॉस्फेट (TPP) वास्तव में पाइरुवेट डिहाइड्रोजनेज कॉम्प्लेक्स के लिए एक अनिवार्य सह-एंजाइम है जो पाइरुवेट को एसिटाइल-CoA में बदलने में मदद करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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