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General Science
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की गैस्ट्रिक ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पेप्सिनोजेन' एक निष्क्रिय एंजाइम है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के संपर्क में आने पर सक्रिय 'पेप्सिन' में बदल जाता है और यह प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलअपघटित करता है।
- 2. श्वसन के दौरान ऑक्सीजन का परिवहन मुख्य रूप से हीमोग्लोबिन के साथ बंधकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में होता है, और ऑक्सीजन-हीमोग्लोबिन वक्र (Oxygen-hemoglobin dissociation curve) बोहर प्रभाव के कारण उच्च $P_{CO_2}$, कम pH और उच्च तापमान की स्थिति में दाईं ओर विस्थापित हो जाता है।
- 3. हृदय के चक्र (Cardiac Cycle) में 'एसए नोड' (SA Node) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जो स्वतः उत्तेजित होकर विद्युत आवेग उत्पन्न करता है, और इस आवेग को निलयों तक पहुँचाने के लिए एवी नोड और हिज के बंडल (Bundle of His) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 4. प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का संचालन करने वाला 'प्रतिवर्ती चाप' (Reflex Arc) न्यूनतम रूप से एक संवेदी न्यूरॉन, एक मध्यस्थ न्यूरॉन (इंटरन्यूरॉन) और एक मोटर न्यूरॉन को शामिल करता है, तथा इसमें सूचना का मार्ग केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के मस्तिष्क तक अनिवार्य रूप से जाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 1 में पेप्सिनोजेन के सक्रियण और प्रोटीन पाचन की सही प्रक्रिया का वर्णन है। कथन 2 में बोहर प्रभाव (Bohr effect) के तहत उच्च कार्बन डाइऑक्साइड, कम pH और उच्च तापमान की स्थिति में ऑक्सीजन-हीमोग्लोबिन वक्र के दाईं ओर खिसकने की बात पूरी तरह सही है। कथन 3 में हृदय के चालन तंत्र (SA Node, AV Node, Bundle of His) का सही विवरण दिया गया है। कथन 4 गलत है क्योंकि कुछ सरल प्रतिवर्ती क्रियाओं (जैसे घुटने का झटका प्रतिवर्त - Knee-jerk reflex) में मध्यस्थ न्यूरॉन अनुपस्थित हो सकता है (मोनोसिनेप्टिक प्रतिवर्त) और इसमें सूचना का मार्ग हमेशा मस्तिष्क तक जाना अनिवार्य नहीं होता, बल्कि यह मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा नियंत्रित होता है। मानव शरीर के विभिन्न अंगों और प्रणालियों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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गुरुत्वाकर्षण और उपग्रहों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की सतह के निकट परिक्रमण करने वाले किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) उसके द्रव्यमान पर निर्भर करती है और यदि उपग्रह का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी कक्षीय चाल भी दोगुनी हो जाती है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह पृथ्वी की विषुवत रेखा के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है, जिसकी भू-पृष्ठ से ऊँचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
3. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, और पृथ्वी की सतह के लिए इसका मान लगभग $11.2 \text{ km/s}$ होता है, जो कक्षीय चाल का $\sqrt{2}$ गुना होता है।
4. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की कोणीय चाल और रेखीय चाल अचर (Constant) रहती है, किंतु पृथ्वी से उसकी न्यूनतम दूरी (उपसौर) पर चाल न्यूनतम और अधिकतम दूरी (अपसौर) पर चाल अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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न्यूट्रॉन खोज?
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वायु?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों—पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र—की सूक्ष्म क्रियात्मक एवं नियमन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की मुख्य या पैप्टिक कोशिकाएँ (Chief or Peptic cells) 'प्रोएन्जाइम पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन को प्रोटीएज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है।
2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता, उच्च तापमान और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है।
3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह उस चाप की लंबाई पर आधारित है जो पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के बराबर चाप बनाती है।
2. 'पाद-पाउंड-सेकंड' (FPS) पद्धति में बल की निरपेक्ष इकाई 'पाउंडल' (Poundal) होती है, जबकि गुरुत्वीय इकाई 'पाउंड-बल' (lbf) होती है।
3. पार्कोसेक या खगोलीय इकाई जैसी बड़ी दूरियों के मापन के लिए 'लंबन विधि' (Parallax method) का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रेक्षण बिंदु के दो अलग-अलग स्थानों से किसी दूरस्थ तारे की स्थिति में होने वाले आभासी विस्थापन का उपयोग किया जाता है।
4. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional formula) उस राशि की प्रकृति को पूरी तरह स्पष्ट करता है और यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न प्रणालियों में उसके मात्रक का संख्यात्मक मान हमेशा नियत रहे, चाहे मात्रक की पद्धति कोई भी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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