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General Science
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गुरुत्वाकर्षण और उपग्रहों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की सतह के निकट परिक्रमण करने वाले किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) उसके द्रव्यमान पर निर्भर करती है और यदि उपग्रह का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी कक्षीय चाल भी दोगुनी हो जाती है।
- 2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह पृथ्वी की विषुवत रेखा के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है, जिसकी भू-पृष्ठ से ऊँचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
- 3. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, और पृथ्वी की सतह के लिए इसका मान लगभग $11.2 \text{ km/s}$ होता है, जो कक्षीय चाल का $\sqrt{2}$ गुना होता है।
- 4. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की कोणीय चाल और रेखीय चाल अचर (Constant) रहती है, किंतु पृथ्वी से उसकी न्यूनतम दूरी (उपसौर) पर चाल न्यूनतम और अधिकतम दूरी (अपसौर) पर चाल अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल $v_o = \sqrt{\frac{GM}{R+h}}$ होती है, जो उपग्रह के अपने द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि केपलर के द्वितीय नियम के अनुसार, जब उपग्रह पृथ्वी के निकट होता है (उपसौर या समीपस्थ बिंदु), तो उसकी चाल अधिकतम होती है और दूर होने पर न्यूनतम होती है, तथा कोणीय चाल भी अचर नहीं रहती। कथन 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथ घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध उसके तापमान पर निर्भर करता है, और अधिकांश धात्विक चालकों के लिए तापमान बढ़ाने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (Semiconductors) का प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ घटता है।
2. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जबकि द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम) आवेश संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है।
3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है।
4. किसी सेल का टर्मिनल विभवांतर (Terminal Potential Difference) उसके आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) के कारण, सेल से धारा लिए जाने की स्थिति में उसके विद्युत वाहक बल (EMF) से कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, आनुवंशिक बहाव, प्राकृतिक चयन और जीन प्रवास जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic Drift) एक दिशाहीन और यादृच्छिक प्रक्रिया है, जो विशेष रूप से बड़ी जनसंख्या की तुलना में छोटी आबादियों में अधिक प्रभावशाली होती है और इसके परिणामस्वरूप दुर्लभ एलील पूरी तरह से विलुप्त हो सकते हैं।
3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीिज़मैन (Weismann) के 'जर्मप्लास्ट सिद्धांत' (Germplasm theory) द्वारा पूरी तरह से सही सिद्ध कर दिया गया था, जिसमें यह दर्शाया गया कि कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और पेट्रोकेमिकल प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n-2}$ होता है, और इनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के मध्य कम से कम एक त्रिक बंध पाया जाता है, जो संकरण (sp hybridization) के कारण इन्हें एल्कीन्स और एल्केन्स की तुलना में अधिक अम्लीय प्रकृति प्रदान करता है।
2. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेक्ساडेकेन, मान 100) नॉकिंग का अधिक प्रतिरोध करते हैं और कम विलंब अवधि (Ignition delay) प्रदर्शित करते हैं।
3. आंशिक आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग किया जाता है, जिसमें सबसे कम क्वथनांक वाले घटक (जैसे पेट्रोल और नेप्था) टॉवर के सबसे ऊपरी हिस्से में संघनित होकर प्राप्त होते हैं।
4. उत्प्रेरकी क्रैकिंग (Catalytic Cracking) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भारी उच्च क्वथनांक वाले गैस ऑयल अंशों को कम आणविक भार वाले उच्च गुणवत्ता वाले गैसोलीन में तोड़ना है, और इस प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले उत्प्रेरक मुख्य रूप से सिलिका-एलुमिना जिओलाइट्स होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिका विभाजन (Cell Division) के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) और समसूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्धसूत्री विभाजन-I की प्रोफेज-I अवस्था के 'डाइकाइनेसिस' (Diakinesis) उपचरण में टर्मिनलाइजेशन (Terminalization) की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसमें chiasmata सिरों की ओर खिसक जाते हैं और केंद्रिका लुप्त हो जाती है।
2. 'माइटोटिक स्पिंडल' (Mitotic spindle) का निर्माण माइक्रोट्यूब्यूल्स (सूक्ष्म नलिकाओं) द्वारा होता है, और 'निकोडेमाइल' या 'कोलचिसिन' जैसे रसायन ट्यूबुलीन बहुलीकरण को रोककर सेल डिवीजन को मेटाफेज अवस्था में ही रोक देते हैं।
3. जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका खांच' (Cell furrow) विधि द्वारा होता है, जिसमें एक्टिन और मयोसिन फिलामेंट्स से बने संकुचई वलय (Contractile ring) का अभिकेंद्रकीय संकुचन होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह 'सेल प्लेट' (Cell plate) के निर्माण द्वारा केंद्र से परिधि की ओर होता है।
4. मियोसिस के दौरान होमोलोगous क्रोमोसोम का पृथक्करण हमेशा एनाफेज-II के दौरान होता है, जबकि सिस्टर क्रोमैटिड्स एनाफेज-I में अलग होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuits) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का 'विशिष्ट प्रतिरोध' या प्रतिरोधकता (Resistivity) केवल पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करती है, चालक की लंबाई या उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर नहीं।
2. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से कम होता है।
3. 'किरचॉफ का धारा नियम' (KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि (Junction) पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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