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General Science
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प्रकाश तरंग?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
EM।
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मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छोटी आंत के अग्रभाग (ड्यूओडेनम) में स्रावित होने वाला 'सिक्रेटिन' हार्मोन मुख्य रूप से अग्न्याशय को उत्तेजित कर सोडियम बाइकार्बोनेट युक्त क्षारीय रस के स्रावण को प्रेरित करता है, ताकि अम्लीय काइम को उदासीन किया जा सके।
2. मानव श्वसन तंत्र में, हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) की स्थिति में महाधमनी और कैरोटिड निकायों में स्थित परिधीय केमोरेसेप्टर्स अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं और मेडुला ऑब्लॉंगेटा स्थित श्वसन केंद्र को उद्दीप्त कर वेंटिलेشن दर को बढ़ाते हैं।
3. कार्डियक साइकिल (हृदय चक्र) के दौरान, जब निलय का दबाव आलिंद के दबाव से अधिक हो जाता है, तो एट्रियोवेंट्रिकुलर (AV) कपाट (जैसे द्विवलनी और त्रिवलनी कपाट) रक्त के पश्च-प्रवाह को रोकने के लिए बंद हो जाते हैं, जिससे पहली हृदय ध्वनि ('लब') उत्पन्न होती है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनाप्टिक संचरण के दौरान, प्री-सिनाप्टिक झिल्ली से न्यूरोट्रांसमीटर का मोचन कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) के अंतःप्रवाह (Influx) के कारण होता है, जो वेसिकल्स को झिल्ली के साथ फ्यूज होने के लिए प्रेरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारsec (पारसेक) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो एक खगोलीय इकाई (AU) द्वारा किसी तारे पर अंतरित 1 चाप सेकण्ड (arcsecond) के कोण से संबंधित है, और यह लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो किसी गोले के केंद्र पर उसके क्षेत्रफल द्वारा बनाए गए घन कोण (Solid angle) को मापता है, और यह एक विमाहीन राशि नहीं है क्योंकि इसका अपना एक अलग विमीय सूत्र होता है।
3. सांद्रता, आवृत्ति और पृष्ठ तनाव जैसी भौतिक राशियों में पृष्ठ तनाव का SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($ ext{N/m}$) होता है, जिसे मूल मात्रकों के पदों में किलोग्राम प्रति सेकंड वर्ग ($ ext{kg s}^{-2}$) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक लंबे समयान्तरालों और कालिक गणनाओं के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हार्मोनल नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन' (Releasing hormones) अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) के हॉर्मोनों के स्राव को नियंत्रित करते हैं, जबकि पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) का अपना कोई पाचक या अंतःस्रावी संश्लेषण नहीं होता, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) का केवल भंडारण और विमोचन करती है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कुट (Cortex) भाग भ्रूण के एक्टोडर्म से उत्पन्न होता है और यह 'कैटकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का स्राव करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'लड़ो या उड़ो' (Fight or Flight) प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित थायरोक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोन शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR), लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के चयापचय को नियंत्रित करते हैं, तथा इनके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएं 'इंसुलिन' का और बीटा कोशिकाएं 'ग्लूकागन' का स्राव करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को विपरीत दिशा में संतुलित रखते हुए होमियोस्टैसिस बनाए रखते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक दीर्घकालिक जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) के कारण होता है और यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं तथा त्वचा को प्रभावित करता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तीव्र न्यूरोलॉजिकल रोग है जो लिस्सावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित करने के बाद इस रोग की मृत्यु दर लगभग 100% तक होती है।
3. 'कालाजार' (Kala-azar) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो 'लिसरनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस की तरह व्यवहार करने के स्थान पर अपसारी (Diverging) लेंस की भाँति कार्य करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $f = R/2$ केवल तब पूरी तरह सत्य होता है जब आपतित किरणें मुख्य अक्ष के अत्यधिक निकट होती हैं (जिन्हें परैक्सियल किरणें या Paraxial rays कहा जाता है)।
3. जब प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य और चाल दोनों घट जाती हैं, किंतु उसकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाए तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से कम होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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