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General Science
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और विटामिनों के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राइबोफ्लेविन (विटामिन $B_2$) सह-एंजाइम FMN (फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड) और FAD (फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो कोशकीय श्वसन के दौरान इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
- 2. एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए आवश्यक सह-एंजाइम है, और इसकी कमी से 'बेरी-बेरी' रोग उत्पन्न होता है।
- 3. 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) वास्तव में एक हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंत से कैल्सियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करता है, और इसकी कमी से वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है।
- 4. पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े अमीनो अम्ल प्रोटीन की प्राथमिक संरचना बनाते हैं, जबकि प्रोटीन की द्वितीयक संरचना में पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं 'अल्फा-हेलिक्स' या 'बीटा-प्लीटेड शीट' का निर्माण हाइड्रोजन बंधों के माध्यम से करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि राइबोफ्लेविन (विटामिन $B_2$) FMN और FAD सह-एंजाइमों का पूर्ववर्ती है जो ऊर्जा उपापचय में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) की कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जबकि 'बेरी-बेरी' रोग थायमिन (विटामिन $B_1$) की कमी से होता है। कथन 3 सही है क्योंकि विटामिन D एक प्रो-हॉर्मोन की तरह कार्य करता है और कैल्सियम उपापचय को नियंत्रित करता है। कथन 4 सही है, प्रोटीन की संरचना के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में कोशिका विभाजन (Cell Division) और कोशिका चक्र (Cell Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'एस-अवस्था' (S-phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृतियन (Replication) होता है, जिसके परिणामस्वरूप यदि कोशिका में जी-1 अवस्था ($ ext{G}_1 ext{ phase}$) में डीएनए की मात्रा '2C' थी, तो एस-अवस्था के पश्चात यह मात्रा बढ़कर '4C' हो जाती है, किंतु गुणसूत्रों की संख्या (Ploidy level) अपरिवर्तित रहती है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र अपने अधिकतम संकुचित रूप में दिखाई देते हैं, और इस दौरान स्पिंडल फाइबर (तर्कु तंतु) गुणसूत्र के सेंट्रोमियर पर स्थित 'काइनेटोकोर' (Kinetochore) प्रोटीन संरचना से जुड़ जाते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैचिटीन (Pachyneteen/Pachytene) उप-अवस्था में समजात गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ गुणसूत्रिका (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है और यह 'रिकॉम्बिनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।
4. अर्धसूत्री विभाजन के दौरान समजात गुणसूत्रों का पृथक्करण और युग्मकों (Gametes) में गुणसूत्रों की संख्या का आधा होना हमेशा 'एनाफेज-II' (Anaphase-II) के दौरान होता है, जबकि एनाफेज-I में केवल सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लेजर (LASER) का पूर्ण रूप क्या है?
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