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General Science
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पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना (Atomic Structure) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. द्रव्य की 'बोस-आइंस्टीन संघनन' (Bose-Einstein Condensate - BEC) अवस्था अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute Zero) के अतिनिकट तापमान तक ठंडा करके प्राप्त की जाती है, जिसमें क्वांटम प्रभाव स्थूल स्तर पर दिखाई देने लगते हैं।
- 2. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग में अधिकांश अल्फा कण सोने की पन्नी से बिना किसी विक्षेपण के सीधे निकल गए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला होता है और संपूर्ण धन आवेश तथा द्रव्यमान उसके अत्यंत सूक्ष्म केंद्रीय भाग (नाभिक) में केंद्रित होता है।
- 3. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग (Angular Momentum) $h/2\pi$ का पूर्ण गुणज (Integral multiple) होता है, और इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण करते हैं।
- 4. पाऊलिका अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s, s$) के मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, स्थिर कक्षाओं (Stationary orbits) में चक्कर लगाते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण नहीं करते हैं, बल्कि ऊर्जा का परिवर्तन केवल तब होता है जब इलेक्ट्रॉन एक कक्षा से दूसरी कक्षा में संक्रमण (Transition) करता है। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है।
3. समांगी और विषमांगी उत्प्रेरण में, उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देता है, जिससे अभिकारकों के अणुओं को ऊर्जा अवरोध पार करने में आसानी होती है और अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में जल-विलेय और वसा-विलेय विटामिनों के अवशोषण, परिवहन और भंडारण (Absorption, Transport and Storage) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी जल-विलेय विटामिन (जैसे विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी) को शरीर में यकृत (Liver) के भीतर दीर्घकालिक रूप से संग्रहीत किया जा सकता है, जिससे इनकी दैनिक आपूर्ति अनिवार्य नहीं होती है।
2. वसा-विलेय विटामिनों (जैसे विटामिन A, D, E और K) का अवशोषण आंतों में वसा और पित्त लवणों (Bile salts) की उपस्थिति पर निर्भर करता है, और ये मुख्य रूप से यकृत तथा वसा ऊतकों (Adipose tissues) में संचित होते हैं।
3. विटामिन $B_{12}$ एक ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कई महीनों से लेकर वर्षों तक यकृत में संग्रहीत रह सकता है, जिसके लिए जठर रस में 'कैसल के आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों (Cell organelles) और कोशिका कंकाल (Cytoskeleton) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) के खुरदरे भाग (RER) पर राइबोसोम की सतह से जुड़ने के लिए 'राइबोफोरिन-I' और 'राइबोफोरिन-II' नामक विशिष्ट ग्लाइकोप्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिवहन में सहायता करते हैं।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का 'सिस नेटवर्क' (Cis-face) आमतौर पर परिपक्व या बनाने वाला सिरा (Maturing face) कहलाता है जो केंद्रक की ओर उन्मुख होता है, जबकि 'ट्रांस नेटवर्क' (Trans-face) प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है।
3. सूక్ష్मनलिकाएँ (Microtubules) ट्यूबुलिन प्रोटीन से बने खोखले बेलनाकार तंतु होते हैं, जो कोशिका विभाजन के दौरान तर्कु तंतुओं (Spindle fibers) का निर्माण करते हैं और पक्ष्माभ (Cilia) तथा कशाभिका (Flagella) की '9+2' व्यवस्था में मुख्य संरचनात्मक घटक बनाते हैं।
4. परऑक्सिसोम (Peroxisome) एकल झिल्ली से घिरा कोशिकांग है जिसमें 'कैटेलेज' और 'ऑक्सीडेज' जैसे एंजाइम होते हैं, जो हानिकारक हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लेजर (LASER) का पूर्ण रूप क्या है?
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों और रासायनिक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होने के कारण परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, किंतु शून्य वर्ग (अक्रिय गैसों) की वान डेर वाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है।
2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान नाइट्रोजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण ऑक्सीजन के $2p^4$ कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का युग्मित होना है जो प्रतिकर्षण बल को कम करता है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है और इसका इलेक्ट्रॉन घनत्व उच्च होता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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