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General Science
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
- 2. 'सफेद फॉस्फोरस' ($P_4$) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और वाष्पशील ठोस है जो अंधेरे में चमकता है (केमिलुमिनिसेंस) और इसे जल के भीतर संग्रहित किया जाता है, जबकि 'लाल फॉस्फोरस' बहुलकीय संरचना के कारण कम क्रियाशील होता है और सामान्य ताप पर वायु में स्वतः आग नहीं पकड़ता।
- 3. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Floatation Method) का उपयोग किया जाता है, जिसके पश्चात धातु ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए 'विगलन' (Smelting) या भर्जन (Roasting) की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- 4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंगीन आयनों का निर्माण मुख्य रूप से d-d संक्रमण ($d-d$ transition) के कारण होता है, किंतु जिंक ($Zn^{2+}$) और स्कैंडियम ($Sc^{3+}$) आयन अपने पूर्णतः भरे हुए या रिक्त d-कक्षक के कारण रंगहीन (Colorless) होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। एल्युमिनियम के धातु कर्म में क्रायोलाइट का उपयोग एलुमिना के गलनांक को कम करने और विलायक के रूप में चालकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। फॉस्फोरस के अपररूप, जिंक का सांद्रण और d-ब्लॉक तत्वों के रंगीन यौगिकों की प्रकृति से जुड़े ये सभी सिद्धांत विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रसायन विज्ञान में सर्वमान्य हैं।
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ध्वनि तरंगें?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न जनन-मूत्र मार्ग (Urogenital) या संक्रामक रोगों और उनके कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिफिलिस' (Syphilis) एक जीवाणु जनित यौन संचारित संक्रमण (STI) है जो 'ट्रिपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक सर्पिलाकार जीवाणु (Spirochete) के कारण होता है, और इसके प्राथमिक चरण में जननांगों पर दर्द रहित अल्सर या 'चांक्र' (Chancre) बनता है।
2. 'गोनोरिया' (Gonorrhea) एक विषाणु जनित संक्रमण है जो 'नाइसेरिया गोनोरिया' (Neisseria gonorrhoeae) नामक वायरस के कारण होता है, जो मूत्र मार्ग में तीव्र जलन और स्राव उत्पन्न करता है।
3. 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (HPV) एक डीएनए विषाणु है जिसके कुछ उच्च-जोखिम वाले प्रभेद (जैसे HPV-16 और HPV-18) महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (Cervical cancer) के मुख्य कारणों में से एक माने जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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थायराइड रोग?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों और उनके अपवर्तनांक के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की प्रकृति बदल जाती है और वह अभिसारी (Converging) के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. लेंस की क्षमता (Power of a Lens) उसकी फोकस दूरी के मीटर में व्यक्त मान का व्युत्क्रम होती है, और इसका मात्रक डायोप्टर (Diopter) होता है, जो कि एक धनात्मक या ऋणात्मक मान हो सकता है।
3. जब किसी लेंस को एक माध्यम से दूसरे माध्यम में ले जाया जाता है, तो माध्यम बदलने पर लेंस की फोकस दूरी और उसकी क्षमता दोनों अपरिवर्तित रहती हैं क्योंकि यह केवल लेंस की वक्रता त्रिज्या पर निर्भर करती है।
4. संपर्क में रखे दो पतلاف (thin) लेंसों की संयुक्त फोकस दूरी का व्युत्क्रम अलग-अलग लेंसों की फोकस दूरियों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है, यानी $rac{1}{F} = rac{1}{f_1} + rac{1}{f_2}$।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान में वृद्धि होने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, क्योंकि उच्च तापमान पर अणुओं की तापीय ऊर्जा उनके बीच के अंतरआणविक आकर्षण को कमजोर कर देती है।
2. द्रवों में 'श्यानता' (Viscosity) आंतरिक घर्षण के कारण उत्पन्न होती है जो विभिन्न परतों के बीच आपेक्षिक गति का विरोध करती है, और गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घट जाती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से अधिक है, तो वस्तु द्रव में डूब जाएगी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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