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General Science
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यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Cell Cycle) के नियमन और सूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोशिका चक्र के 'G1/S चेकपॉइंट' पर मुख्य रूप से साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेज (CDK) और साइक्लिन का परिसर कार्य करता है, तथा इस बिंदु पर डीएनए क्षति की जाँच 'p53' प्रोटीन द्वारा की जाती है जो चक्र को रोक सकता है या एपोप्टोसिस को प्रेरित कर सकता है।
- 2. सूत्री विभाजन की मध्यावस्था (Metaphase) के दौरान गुणसूत्र कोशिका की भूमध्य रेखा (Metaphase plate) पर व्यवस्थित होते हैं, और इस चरण में 'स्पिंडल चेकपॉइंट' यह सुनिश्चित करता है कि सभी किनेटोकोर से तर्कु तंतु सही ढंग से जुड़े हैं या नहीं, जिसके बिना एनाफेज में संक्रमण रुक जाता है।
- 3. 'कोलचिसिन' (Colchicine) रसायन तर्कु तंतुओं (Spindle fibers) के निर्माण को बाधित करता है, जिससे कोशिका विभाजन एनाफेज अवस्था में ही रुक जाता है और बहुगुणित (Polyploidy) अवस्था उत्पन्न हो सकती है।
- 4. मियोसिस (अर्धसूत्री विभाजन) के दौरान क्रॉसिंग ओवर की प्रक्रिया 'पैक्टीन्यू' (Pachytene) उप-अवस्था में होती है, जो नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को सुगम बनाती है और इसके लिए 'रेकॉम्बिनेज' एंजाइम आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन कोशिका विभाजन और इसके नियमन के संबंध में पूरी तरह से सत्य हैं। कोशिका चक्र का नियंत्रण साइक्लिन और सीडीके द्वारा होता है जहाँ p53 जैसी नियामक प्रोटीन डीएनए क्षति की निगरानी करती हैं। स्पिंडल चेकपॉइंट मेटाफेज से एनाफेज में जाने से पहले किनेटोकोर के सही संयोजन को सत्यापित करता है। कोलचिसिन माइक्रोट्यूब्यूल के बहुलकीकरण को रोकता है जिससे तर्कु तंतु नहीं बनते। अर्धसूत्री विभाजन की पैक्टीन्यू अवस्था में क्रॉसिंग ओवर की घटना संपन्न होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में 'सिनेप्टिक ट्रांसमिशन' (Synaptic Transmission) के दौरान, तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचरण में रासायनिक संदेशवाहक के रूप में कार्य करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) का विमोचन मुख्य रूप से किस आयन की अंतःकोशिकीय सांद्रता में तीव्र वृद्धि के कारण होता है?
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आनुवंशिक कोड क्या है?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण के विशिष्ट सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में अपेक्षित अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों (जैसे $NaCl$ या $CaCl_2$) के लिए उनके वियोजन (Dissociation) की मात्रा के कारण हमेशा एक से अधिक होता है, जबकि संघन या डाइमेराइजेशन (Dimerization) प्रदर्शित करने वाले विलेय के लिए इसका मान एक से कम होता है।
3. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' के संदर्भ में, 'माइकलिस-मेंटेन का समीकरण' (Michaelis-Menten equation) एंजाइम-उत्प्रेरित अभिक्रिया के वेग और सब्सट्रेट की सांद्रता के बीच के संबंध को व्यक्त करता है, जिसमें अधिकतम वेग ($V_{max}$) तब प्राप्त होता है जब सभी एंजाइम अणु सब्सट्रेट के साथ संतृप्त हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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ऊष्मागतिकी और तापमापी (Thermodynamics and Thermometry) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. 'स्थिर आयतन गैस तापमापी' (Constant-volume gas thermometer) अत्यधिक संवेदनशील और सटीक होते हैं क्योंकि गैसों का दाब ताप के साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है, और चार्ल्स के नियम के अनुसार नियत आयतन पर किसी गैस का दाब उसके परमताप के सीधे आनुपातिक होता है।
3. जल का त्रिक बिंदु (Triple point of water), जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, का मान 273.16 K होता है, और इसका उपयोग केल्विन ताप पैमाने को परिभाषित करने के लिए एक निश्चित संदर्भ बिंदु के रूप में किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिका विभाजन और कोशिका अंगकों की संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'एनाफेज़' (Anaphase) अवस्था के दौरान, सेंट्रोमेरे का विभाजन होता है और sister chromatids अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, जिसमें 'काइनेटोक्योर माइक्रोट्यूब्यूल्स' (Kinetochore microtubules) की लंबाई छोटी हो जाती है।
2. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सीसोम' (F0-F1 कण) ATP संश्लेषण के लिए उत्तरदायी होते हैं, और माइटोकॉन्ड्रिया अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) अंगक हैं क्योंकि इनमें अपना स्वयं का द्विरज्जुकीय वृत्ताकार (Double-stranded circular) DNA और 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं।
3. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) में 'सिस' (Cis) फेस जो कि उत्तल (Convex) और निर्माणकारी चेहरा होता है, endoplasmic reticulum की तरफ स्थित होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) फेस अवतल (Concave) और परिपक्व चेहरा होता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है।
4. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकाइटीन' (Pachytene) अवस्था के दौरान, समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के गैर-बहन क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है और यह 'साइनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स' के विघटन के बिना पूरा हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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