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General Science
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विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) एक अणुसंख्यक गुणधर्म है, जो राउल्ट के नियम के अनुसार विलायक में घुले हुए अवाष्पशील विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है तथा यह विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।
  2. 2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक सभी एक ही भौतिक अवस्था में होते हैं, और इसकी क्रियाविधि को मुख्य रूप से 'मध्यवर्ती यौगिक निर्माण सिद्धांत' द्वारा समझाया जाता है।
  3. 3. जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक ($TiCl_4 + Al(C_2H_5)_3$) एक विषमांग उत्प्रेरक का प्रमुख उदाहरण है, जिसका उपयोग उच्च घनत्व वाले पॉलीइथिलीन (HDPE) के औद्योगिक उत्पादन में किया जाता है।
  4. 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अपनी अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के लिए जाने जाते हैं, और 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) मॉडल के अनुसार एंजाइम रासायनिक अभिक्रिया के सक्रियण ऊर्जा को कम करके अभिक्रिया की दर को बढ़ाते हैं, किंतु यह साम्यावस्था स्थिरांक ($K_{eq}$) को परिवर्तित नहीं करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो केवल विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करता है, न कि उनकी प्रकृति पर। कथन 2 सही है क्योंकि समांग उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक समान प्रावस्था में होते हैं और मध्यवर्ती यौगिक सिद्धांत इसे स्पष्ट करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक ($TiCl_4 + Al(C_2H_5)_3$) एक 'विषमांग उत्प्रेरक' (Heterogeneous catalyst) या समन्वय उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है जहाँ टाइटैनिक क्लोराइड ठोस या प्रावस्था सीमा पर सक्रिय होता है (यह मुख्य रूप से बहुलकीकरण में प्रयुक्त होता है, किंतु इसके वर्गीकरण में संदर्भ को समझना आवश्यक है; यहाँ जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक बहुलक विज्ञान में बहुतायत से प्रयुक्त होता है, लेकिन इसे अक्सर विषमांग प्रणाली के अंतर्गत पढ़ा जाता है, तथापि कथन 3 में इसे विषमांग माना गया है, जबकि कई संदर्भों में यह ज़ीग्लर-नट्टा उत्प्रेरक प्रणाली को हेटेरोजेनस/ज़िग्लेर प्रणालियों के रूप में वर्गीकृत करते हैं - चलिए सटीक वैज्ञानिक विश्लेषण देखें: जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक मुख्य रूप से विषमांग (heterogeneous) उत्प्रेरक प्रणाली है जहाँ $TiCl_4$ ठोस रूप में रहता है, अतः कथन 3 सही हो सकता है, लेकिन कथन 4 पूरी तरह सत्य है क्योंकि उत्प्रेरक साम्यावस्था स्थिरांक को नहीं बदलते हैं)। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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