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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलज नदी के गार्ज के पास जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले को तिब्बत से जोड़ता है और यह भारत-चीन व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है।
- 2. 'निथु दर्रा' (Nathu La) सिक्किम राज्य में स्थित है, जो दार्जिलिंग और चुम्बी घाटी को जोड़ता है और प्राचीन 'सिल्क रूट' (Silk Route) का एक प्रमुख हिस्सा रहा है।
- 3. 'बोमडिला दर्रा' (Bomdila Pass) अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले में स्थित है, जो तवांग घाटी को तिब्बत से जोड़ता है और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'शिपकी ला दर्रा' जास्कर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर सतलज नदी भारत में प्रवेश करती है और यह हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'निथु दर्रा' (Nathu La) सिक्किम को तिब्बत (चुम्बी घाटी) से जोड़ता है, न कि दार्जिलिंग को; यह प्राचीन सिल्क रूट का हिस्सा है। कथन 3 सही है क्योंकि 'बोमडिला दर्रा' अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले में स्थित है और यह तवांग को असम एवं तिब्बत से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सामरिक मार्ग है। भारत के प्रमुख पर्वतों और दर्रों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनकी भू-वैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार (लगभग 98% से अधिक) गोडवाना क्रम की चट्टानों से संबंधित है, जिसमें दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी घाटियाँ प्रमुख हैं, तथा इस कोयले में राख (Ash) की मात्रा अधिक और गंधक (Sulphur) की मात्रा कम होती है।
2. देश में टर्शरी क्रम (Tertiary) का कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड) में पाया जाता है, जो गोडवाना कोयले की तुलना में अपेक्षाकृत कम आयु का है और इसमें वाष्पशील पदार्थों के साथ-साथ गंधक की मात्रा अधिक पाई जाती है।
3. भारत में पेट्रोलियम (खनिज तेल) के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से टर्शरी युग की अवसादी चट्टानिन संरचनाओं में पाए जाते हैं, जिसके अंतर्गत असम की डिगबोई घाटी, गुजरात की खंभात बेसिन और मुंबई हाई (अपतटीय क्षेत्र) प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार झारखंड का जादूगोड़ा क्षेत्र यूरेनियम के भंडार और उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जबकि थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है जो मुख्य रूप से केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जेट स्ट्रीम, वायुदाब पेटियों के विस्थापन और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) शीतकाल में हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित होती है और यह भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में आने वाले 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाती है।
2. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, और कोरियॉलिस बल (Coriolis Force) की अनुपस्थिति के कारण ये चक्रवात भूमध्य रेखा (Equator) के बिल्कुल करीब उत्पन्न नहीं हो पाते हैं।
3. 'फूजिहारा प्रभाव' (Fujiwara Effect) तब देखा जाता है जब दो उष्णकटिबंधीय चक्रवात एक-التفआफ (एक-दूसरे के काफी करीब) आते हैं और वे एक साझा बिंदु के चारों ओर चक्रवातीय गति से परिक्रमण करने लगते हैं या अंततः विलीन हो जाते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल महासागरीय सतह पर ही उत्पन्न होते हैं और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में इनका आकार बहुत छोटा लेकिन हवाओं की गति अत्यधिक तीव्र होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्गीकृत भारतीय मृदाओं की रासायनिक विशेषताओं, खनिज संघटन और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, जबकि इसका पीला रंग इसमें जलीय योजन (Hydration) की स्थिति उत्पन्न होने के कारण प्रकट होता है।
2. लैटेराइट मृदा का विकास उच्च तापमान और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और लोहे तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मिट्टी नाइट्रोजन और पोटाश से भरपूर होती है और कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ होती है।
3. क्षारीय और लवणीय मृदा (Usar Soil) को 'रेह', 'कल्लर' या 'ऊसर' भी कहा जाता है, जो मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु तथा खराब जल-निकास वाले क्षेत्रों में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के केशिका आकर्षण (Capillary Action) द्वारा धरातल पर जमा होने से बनती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार काली मृदा (Black Soil) में 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण पाया जाता है, क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी और फूल जाती है तथा सूखने पर इसमें गहरी चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके मुहानों पर स्थित या उनके तटों पर बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. राइन नदी (Rhine River) - यह नदी आल्प्स पर्वत से निकलकर उत्तर सागर में गिरती है, और इसके मु मुहाने के निकट यूरोप का सबसे व्यस्त बंदरगाह 'रॉटरडैम' (Rotterdam) स्थित है।
2. रौन नदी (Rhone River) - यह आल्प्स से निकलकर जिनेवा झील से गुजरते हुए भूमध्यसागर में गिरती है, और इसके तट पर प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर 'ल्योन' (Lyon) बसा हुआ है।
3. डेन्यूब नदी (Danube River) - यह मध्य यूरोप से बहते हुए काले सागर में गिरती है और इसके तट पर ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट और रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट जैसे प्रमुख शहर स्थित हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वोल्गा नदी यूरोप की सबसे लंबी नदी है, जो वल्दाई पहाड़ियों से निकलकर कैस्पियन सागर में गिरती है और इसके तट पर रूस का प्रमुख औद्योगिक नगर वोल्गाोग्राद (स्टेलिनग्राद) बसा है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत नलकूप और अन्य भूजल सिंचाई (Tube wells and groundwater) है, जिसके बाद दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा नहरों (Canals) का आता है, और उत्तर प्रदेश में भूजल सिंचाई का सर्वाधिक विस्तार पाया जाता है।
2. 'सिंचित शुष्क कृषि' (Dryland Farming) उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वार्षिक वर्षा कृषि के लिए अपर्याप्त होती है, और यहाँ मुख्य रूप से ज्वार, बाजरा, रागी और दलहनी फसलें उगाई जाती हैं जिनमें जल की कम आवश्यकता होती है।
3. 'धान की गहन निर्वाह कृषि' (Intensive Subsistence Farming) पूर्वी भारत के उच्च वर्षा वाले जलोढ़ मैदानों में प्रधानता से की जाती है, जहाँ मानसून की अनिश्चितता के बावजूद ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दोनों ऋतुओं में चावल की सघन खेती होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में जायद (Zaid) फसल चक्र मुख्य रूप से रबी और खरीफ के बीच ग्रीष्मकाल में मार्च से जून के मध्य अपनाया जाता है, जिसमें तरबूज, खरबूज, ककड़ी और चारा फसलें प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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