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Geography
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पृथ्वी की वायुमंडलीय प्रणालियों और पवनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. व्यापारिक पवनें (Trade Winds) उपोष्ण उच्च दाब कटिबंधों से विषुवतीय निम्न दाब कटिबंध की ओर बहती हैं, और उत्तरी गोलार्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव से इनकी दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम हो जाती है।
  2. 2. 'रॉल्टींग फोर्टीज' (Roaring Forties), 'फ्यूरियस फिफ्टीज' (Furious Fifties) और 'श्रीकींग सिक्सटीज' (Shrieking Sixties) दक्षिणी गोलार्ध में पछुआ पवनों (Westerlies) के प्रचंड वेग को दर्शाती हैं, जो वहाँ विशाल महासागरीय विस्तार और भूमि के कम अवरोध के कारण उत्पन्न होती हैं।
  3. 3. भूमध्यरेखीय शांत पेटी (Doldrums) एक उच्च दाब वाला क्षेत्र है जहाँ वर्षभर सौर ऊर्जा की अत्यधिक प्राप्ति के कारण पवनें क्षैतिज रूप से तीव्र गति से चलती हैं और चक्रवातों का निर्माण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि व्यापारिक पवनें (Trade Winds) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) की ओर प्रवाहित होती हैं, तथा फेरेल के नियम और कोरियोलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्ध में ये उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में चलती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि दक्षिणी गोलार्ध में थलभाग का अभाव होने के कारण पछुआ पवनें (Westerlies) अत्यंत तीव्र गति से चलती हैं, जिन्हें 40° अक्षांश के पास 'रॉल्टींग फोर्टीज', 50° के पास 'फ्यूरियस फिफ्टीज' और 60° के पास 'श्रीकींग सिक्सटीज' कहा जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि भूमध्यरेखीय शांत पेटी (Doldrums) एक **निम्न दाब** (Low Pressure) क्षेत्र है, न कि उच्च दाब क्षेत्र, जहाँ पवनें मुख्यतः ऊर्ध्वगामी (Convectional Currents) होती हैं और यहाँ क्षैतिज पवनें शांत रहती हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना, तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता तथा वायुदाब पेटियों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) की सीमा पर स्थित 'ट्रोपोपॉज़' (Tropopause) पर तापमान भूमध्य रेखा के ऊपर सबसे कम (लगभग -80°C) और ध्रुवों के ऊपर अपेक्षाकृत अधिक (-45°C) होता है, जिसका प्रमुख कारण भूमध्य रेखा पर संवहन धाराओं का अधिक ऊँचाई तक पहुँचना है। 2. समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन के अणु सूर्य की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करते हैं जिससे तापीय प्रतिलोमन (Temperature Inversion) की स्थिति उत्पन्न होती है और इस परत के ऊपरी छोर (स्ट्रैटोपॉज़) पर तापमान बढ़कर लगभग 0°C तक पहुँच जाता है। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) पूर्णतः तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटियाँ हैं, जो अत्यधिक शीत के कारण ध्रुवीय क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के संचयन से भूमध्य रेखा की ओर बैठती हैं। 4. ऑरोरा बोरियालिस (Aurora Borealis) और ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस (Aurora Australis) जैसी रंगबिरंगी खगोलीय परिघटनाएँ मध्यमंडल (Mesosphere) की ऊपरी सीमा पर सौर पवनों के आवेशित कणों की अन्योन್ಯक्रिया के कारण घटित होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी की वायुमंडलीय प्रणालियों, आर्द्रता के विभिन्न रूपों और चक्रवातीय गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर हवा की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है, और तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता में कमी आती है यदि जलवाष्प की मात्रा अपरिवर्तित रहे। 2. 'ओरोग्राफिक वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वत श्रृंखला से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिससे पर्वतीय पवन-मुखी (Windward) ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि इसके विपरीत प्रतिपवन (Leeward) ढाल पर वर्षा की मात्रा बहुत कम हो जाती है जिसे 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) कहा जाता है। 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल तापीय रूप से प्रेरित होते हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तरह 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) की स्पष्ट विशेषता नहीं पाई जाती है। 4. कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और भूमध्य रेखा पर इसका मान अधिकतम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय और देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी छोर के बीच लगभग 30° का अक्षांशीय विस्तार पाया जाता है। 2. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की मानक यम्योत्तर (Standard Meridian) माना गया है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह रेखा देश के कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है। 3. भारत के सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु, अरुणाचल प्रदेश) के बीच देशांतरीय विस्तार लगभग 30° का है, जिसके परिणामस्वरूप दोनों स्थानों के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (120 मिनट) का अंतर पाया जाता है। 4. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल नौ राज्यों से होकर गुजरती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी की आंतरिक संरचना, सिस्मिक तरंगों (भूंकपीय तरंगों) के संचरण और चट्टानों के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम में ही संचरित हो सकती हैं। 2. गुटेनबर्ग असंतुलन (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के क्रोड और मेंटल के बीच की सीमा का निर्धारण करता है, और इस असंतुलन के पास पहुँचते ही S-तरंगें पूरी तरह से गायब (लुप्त) हो जाती हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि बाहरी क्रोड (Outer Core) तरल अवस्था में है। 3. आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) को 'प्राथमिक चट्टानें' (Primary Rocks) कहा जाता है क्योंकि ये पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, तथा इनमें 'ग्रेनाइट' अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान का एक प्रमुख उदाहरण है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) मुख्य रूप से परतों के रूप में पाई जाती हैं और इनमें जीवाश्म (Fossils) प्रचुर मात्रा में सुरक्षित रहते हैं, जबकि संगमरमर और क्वार्ट्जाइट इसके उत्कृष्ट रूप हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख पर्वतों, श्रेणियों और उनसे संबंधित घाटियों या भूवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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