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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (क्रस्ट, मेंटल और क्रोड) और चट्टानों के रूपांतरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मोहोरविक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जबकि गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को अलग करती है।
  2. 2. 'निफे' (NIFE) परत पृथ्वी का केंद्रीय भाग (क्रोड) है, जिसमें निकल (Nickel) और फेरस (Iron) की प्रधानता होती है और यह पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के सृજન के लिए उत्तरदायी है।
  3. 3. कायांतरित चट्टानों में क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव और उच्च तापमान के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रेनाइट का कायांतरण होने पर 'नीस' (Gneiss) चट्टान का निर्माण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि मोहोरविक असंबद्धता (Moho discontinuity) वास्तव में भूपर्पटी (Crust) और मेंटल (Mantle) के बीच की सीमा है, लेकिन गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी और निचले मेंटल के बीच नहीं, बल्कि 'मेंटल और क्रोड' (Mantle-Core boundary) के बीच स्थित है। ऊपरी और निचले मेंटल के बीच 'रेपेटी असंबद्धता' पाई जाती है। कथन 2 सही है; पृथ्वी का क्रोड निकेल और लोहे (Fe) से बना होने के कारण 'NIFE' कहलाता है और यहाँ पिघले हुए लोहे की संवहन धाराओं के कारण भू-चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। कथन 3 सही है; अत्यधिक ताप और दाब (विवर्तनिक बलों) के कारण होने वाले क्षेत्रीय कायांतरण से ग्रेनाइट जैसी आग्नेय चट्टानें 'नीस' (Gneiss) जैसी कायांतरित चट्टानों में बदल जाती हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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