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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक गतिकी और विवर्तनिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पैलिंड्रोमिक फॉल्ट्स' (Palindromic faults) या कर्षीभ्रंश सामान्यतः महाद्वीपीय रिफ्ट घाटियों में तब निर्मित होते हैं जब संपीड़न बल (Compressional forces) के कारण भूपर्पटी अत्यधिक मुड़ जाती है और दोनों खंड विपरीत दिशा में क्षैतिज रूप से खिसक जाते हैं।
- 2. मेंटल प्लूम (Mantle Plume) सिद्धांत के अनुसार, गहरे कोर-मेंटल सीमा (Core-Mantle Boundary) से उठने वाले अत्यधिक तप्त मैग्मा के स्तंभ प्लेट सीमाओं से दूर अंतरा-प्लेट (Intra-plate) क्षेत्रों में 'हॉटस्पॉट' ज्वालामुखी का निर्माण करते हैं, और प्लेट की गति के साथ इनका गमन पथ श्रृंखला के रूप में दर्ज होता है।
- 3. मेगा-थ्रस्ट भूकंप (Mega-thrust earthquakes) मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent plate boundaries) पर सबडक्शन जोन के भीतर उत्पन्न होते हैं, जहाँ दो टेक्टोनिक प्लेटों के बीच अत्यधिक घर्षण और लॉक होने के बाद अचानक ऊर्जा मुक्त होने से भीषण सुनामी का खतरा उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि कर्षीभ्रंश या सामान्य भ्रंश (Normal Faults) तनाव मूलक बलों (Tensional forces) के कारण बनते हैं, न कि संपीड़न बलों के कारण। कथन 2 सही है; मेंटल प्लूम पृथ्वी के कोर-मेंटल सीमा से उत्पन्न होते हैं और हॉटस्पॉट के माध्यम से अंतरा-प्लेट ज्वालामुखीय गतिविधि का कारण बनते हैं। कथन 3 सही है; मेगा-थ्रस्ट भूकंप सबडक्शन जोन (Subduction Zone) में अभिसारी प्लेट सीमाओं पर आते हैं और ऊर्जा के अचानक विमोचन से सुनामी पैदा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गतिशीलता और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आंतरिक ग्रह (Terrestrial Planets) पार्थिव ग्रह कहलाते हैं जो मुख्य रूप से सिलिकेट चट्टानों और धातुओं से बने हैं, और बुध, शुक्र, पृथ्वी तथा मंगल इसके अंतर्गत आते हैं, जिनमें से शुक्र और मंगल दोनों का अपना कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है।
2. 'काएपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे सूर्य से लगभग 30 से 50 खगोलीय इकाइयों की दूरी तक फैला हुआ एक क्षेत्र है, जहाँ कई बर्फीले पिंड और बौने ग्रह जैसे प्लूटो और हउमेया स्थित हैं।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति का प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र भी पाया जाता है।
4. क्षुद्रग्रह (Asteroids) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और 'सेरेस' (Ceres) इस बेल्ट में स्थित सबसे बड़ा पिंड है जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा बौने ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला है, जो पश्चिम में कश्मीर घाटी में झेलम और चेनाब नदियों के बीच स्थित है और इसी पर 'बनिहाल दर्रा' स्थित है।
2. 'शांत घाटी' (Silent Valley) केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के अंतर्गत स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबหาร वनों की अनूठी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ 'शेर-पूंछ वाले मकाक' (Lion-tailed Macaque) का प्राकृतिक आवास पाया जाता है।
3. 'नंदा देवी पर्वत चोटी' गढ़वाल हिमालय का हिस्सा है, जो उत्तराखंड राज्य की सबसे ऊँची और भारत की (पूर्णतः भारतीय भूभाग में स्थित) दूसरी सबसे ऊँची चोटी है, और यह 'नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान' के मध्य स्थित है।
4. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य में ब्यास नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ (Transverse) घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' (Valley of the Gods) भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा उसके प्रसरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन 'मानसून प्रस्फोट' (Monsoon Burst) के रूप में होता है, जिसके तहत केरल तट पर अचानक भारी वर्षा शुरू हो जाती है और यह घटना मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत में ग्रीष्मकालीन अत्यधिक तापन के कारण विकसित होने वाले तीव्र निम्न वायुदाब से जुड़ी होती है।
2. मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट से टकराने के बाद देश के आंतरिक भागों की ओर बढ़ती है, जबकि इसकी बंगाल की खाड़ी शाखा मेघालय के पठार पर स्थित खासी पहाड़ियों (खासकर मौसिनराम और चेरापूंजी) की कीप जैसी (Funnel-shaped) स्थलाकृति के कारण विश्व की सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करती है।
3. 'एल नीनो' (El Nino) की घटना प्रशांत महासागर में पेरू के तट पर गर्म जलधारा के रूप में प्रकट होती है, जो भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान वायुदाब प्रतिरूप को बदलकर भारत में मानसून वर्षा को सुदृढ़ और अत्यधिक बढ़ाने का कार्य करती है।
4. मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon) या उत्तर-पूर्वी मानसून मुख्य रूप से सितंबर के अंत से शुरू होता है, जिसके दौरान सूर्य के दक्षिणायन होने से उत्तर-पश्चिम भारत में उच्च वायुदाब विकसित हो जाता है और हवाएँ थल से समुद्र की ओर (स्थलीय पवनें) बहने लगती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु, मानसून की उत्पत्ति और वर्षा के स्थानिक एवं कालिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के मैदानी इलाकों में विकसित होने वाला तीव्र 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) वास्तव में अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही ग्रीष्मकालीन उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है।
2. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) हिंद महासागर में पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की एक महाद्वीपीय-पैमाने की आवधिक प्रणाली है, जिसका सक्रिय चरण (Active Phase) भारत में मानसून की सक्रियता और वर्षा की मात्रा को बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाता है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) देश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा कराता है, और इसी मानसून की हवाएँ पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर उत्तर भारत में अत्यधिक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न करती हैं।
4. दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के समय आसमान साफ हो जाता है और तापमान में वृद्धि के साथ उच्च आर्द्रता बनी रहती है, जिससे उमस भरी गर्मी की स्थिति उत्पन्न होती है जिसे 'अक्टूबर की गर्मी' (October Heat) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण निम्न वायुदाब का क्षेत्र (मानसून गर्त) विकसित हो जाता है, जिससे दक्षिण गोलार्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें विषुवत रेखा को पार करके फेरेल के नियम के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में प्रवाहित होने लगती हैं।
2. एल नीनो (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट (पेरू के पास) पर ठंडी जलधारा का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग में उच्च वायुदाब और पश्चिमी भाग (भारतीय महाद्वीप) में निम्न वायुदाब उत्पन्न होता है, जो भारतीय मानसून को अत्यधिक मजबूत करता है।
3. 'मैलांड्री इफेक्ट' या जेट स्ट्रीम का तिब्बती पठार पर तापीय प्रभाव ग्रीष्मकाल में ऊपरी क्षोभमंडल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) को जन्म देता है, जो प्रायद्वीपीय भारत में मानसून की सक्रियता और वर्षा के वितरण को गहराई से नियंत्रित करता है।
4. उत्तर-पूर्वी मानसून या शीतकालीन मानसून मुख्य रूप से स्थल से समुद्र की ओर (Offshore Winds) बहने वाली पवनें हैं, लेकिन जब ये बंगाल की खाड़ी को पार करती हैं, तो कुछ नमी ग्रहण करके तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर शीतकाल में भारी वर्षा करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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