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Geography
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा वर्षा के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'अरब सागर शाखा' पश्चिमी घाट से टकराकर अत्यधिक वर्षा करती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-विमुख ढाल (Leeward side) पर 'वृष्टछाया क्षेत्र' (Rain-shadow area) का निर्माण होता है, जहाँ बहुत कम वर्षा होती है।
- 2. मानसून के आगमन के समय उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी भागों में उत्पन्न होने वाला तीव्र उष्ण दाब क्षेत्र 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) कहलाता है, जिसकी स्थिति में उत्तर या दक्षिण की ओर होने वाला विचलन देश में वर्षा के स्थानिक वितरण को सीधे प्रभावित करता है।
- 3. तमिलनाडु के तट पर शीतकाल में होने वाली वर्षा मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के समय बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने के कारण होती है, न कि उत्तर-पूर्वी मानसून से।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों पर भारी वर्षा करती है, लेकिन इसके पूर्वी ढाल पवन-विमुख क्षेत्र (वृष्टछाया क्षेत्र) में आते हैं जहाँ वर्षा कम होती है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्रीष्मकाल के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत में विकसित निम्न दाब की अक्षीय रेखा को 'मानसून गर्त' कहा जाता है, जिसका खिसकना मानसूनी वर्षा को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि तमिलनाडु के तट पर शीतकालीन वर्षा मुख्य रूप से 'उत्तर-पूर्वी मानसून' (या लौटते हुए मानसून के पूर्वोत्तर प्रवाह) के कारण होती है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी प्राप्त करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों तथा उनमें स्थित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काराकोरम श्रेणी' (Karakoram Range) को 'उच्च एशिया की रीढ़' कहा जाता है, जिसमें भारत की सबसे ऊँची चोटी K2 (गॉडविन ऑस्टिन) स्थित है और यहीं पर ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर विश्व का सबसे बड़ा 'सियाचिन हिमनद' पाया जाता है।
2. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Himachal Himalaya) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है, जो कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और इसी श्रेणी में 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जवाहर सुरंग के माध्यम से सड़क संपर्क प्रदान करता है।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच व्यास नदी द्वारा निर्मित एक खूबसूरत अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' (Valley of Gods) के नाम से भी जाना जाता है।
4. 'साइलेंट वैली' (Silent Valley) या शांत घाटी पश्चिमी घाट की नीलगिरी पहाड़ियों में स्थित एक उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन है, जो कुद्रेमुख पर्वत के ठीक उत्तर में स्थित है और यहाँ 'कुंतीपुझा' नदी प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के प्रकार, उनकी रासायनिक विशेषताओं और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का रंग काला टाइटैनिफेरस मैग्नेटाइट और ह्यूमस की उपस्थिति के कारण होता है, तथा इसमें लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्यूमीनियम की अधिकता होती है, किंतु नाइट्रोजन, फास्फोरस और जैविक पदार्थों की कमी पाई जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बनती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और सतह पर आयरन तथा एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जिससे यह ईंट बनाने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' का लाल रंग क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, और जब यह जलयोजित (Hydrated) रूप में होती है, तो इसका रंग पीला दिखाई देता है।
4. 'क्षारीय या कलर मृदा' मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों तथा नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचित क्षेत्रों में जलभराव और केशिका क्रिया (Capillary action) के कारण बनती है, जिसमें सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवण सतह पर जमा हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनजातीय जनसांख्यिकी (Tribal Demography) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) की कुल जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 प्रतिशत है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का सबसे बड़ा निरपेक्ष (Absolute) भाग निवास करता है।
2. मिजोरम और लक्षद्वीप दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पुदुचेरी में अनुसूचित जनजातियों की आबादी शून्य दर्ज की गई है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की सबसे बड़ी जनजातीय समूह 'भील' (Bhil) है, जिसके बाद दूसरा सबसे बड़ा जनजातीय समूह 'गोंड' (Gond) आता है, जो मुख्य रूप से मध्य भारत के पठारी क्षेत्रों में केंद्रित हैं।
4. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाई जाने वाली ओंगे, जारवा, सेंटिनालीज और अंडमानी जनजातियाँ 'विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह' (PVTGs) की श्रेणी में आती हैं, जिनकी जनसांख्यिकी प्रवृत्ति में तीव्र वृद्धि दर्ज की जा रही है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति के कारकों और उनके वैश्विक पर्यावरणीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुइयाना धारा' (Guyana Current) दक्षिण विषुवतीय धारा की एक शाखा है जो उत्तर की ओर बहते हुए कैरिबियन सागर में प्रवेश करती है, जबकि 'बेंगुएला धारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अटलांटिक महासागर में दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर-पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है।
2. उत्तरी गोलार्द्ध में महासागरीय जलधाराएँ कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण अपनी गति की दिशा के दाईं ओर (Clockwise) मुड़ जाती हैं, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में यह विक्षेपण बाईं ओर (Counter-clockwise) होता है, और यह नियम महासागरों के उपोष्ण कटिबंधीय प्रतिचक्रवातीय परिसंचरण (Anticyclonic Circulation) को निर्धारित करता है।
3. 'कुरोशियो धारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है जो जापान के पूर्वी और दक्षिणी तट के साथ उत्तर की ओर बहती है, और जब यह उत्तर में ठंडी 'ओयाशियो धारा' (Oyashio Current) से मिलती है, तो वहाँ अत्यधिक घने कोहरे का निर्माण होता है जो विश्व के सबसे समृद्ध मतस्य क्षेत्रों (Fishing Grounds) में से एक को जन्म देता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'पेरूवियन धारा' (या हम्बोल्ट धारा) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जिसके तापमान में होने वाली अस्थायी कमी और 'अल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान इसके कमजोर पड़ने से दक्षिण अमेरिकी तट पर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक मानसून प्रणाली पर गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के बीच है, जिससे इसका कुल अक्षांशीय और देशांशीय विस्तार लगभग 30 डिग्री का है।
2. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश को लगभग दो कटिबंधों - उष्ण कटिबंध और उपोष्ण (उत्तरी शीतोष्ण) कटिबंध में विभाजित करती है।
3. भारत का मानक समय याम्योत्तर (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरता है और यह ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है, जो देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच के वास्तविक स्थानीय समय के अंतर (लगभग 2 घंटे) को संतुलित करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (मुख्य भूमि सहित) कन्याकुमारी है, जबकि संपूर्ण भारतीय संघ का सबसे दूरस्थ दक्षिणी बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' है, जो निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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