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General Science
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आँख के किस भाग में वस्तु का प्रतिबिंब बनता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रेटिना पर प्रतिबिंब बनता है।
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Sigma bonds) होते हैं, और इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) भी कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम होती है।
2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knocking) क्षमता का माप है, जिसमें अत्यधिक प्रस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य (0) और उच्च प्रस्फोटन-रोधी गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिए जाते हैं।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे cylinders में गंधहीन रूप में भरा जाता है, जिससे सुरक्षा कारणों से रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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नाभिकीय भौतिकी और रेडियोधर्मिता के संदर्भ में, 'बीटा-क्षय' (Beta decay) और 'इलेक्ट्रॉन कैप्चर' (Electron capture) प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बीटा-ऋणात्मक ($eta^-$) क्षय के दौरान, नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन एक प्रोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो में परिवर्तित हो जाता है, जिससे परमाणु क्रमांक में एक की वृद्धि होती है।
2. इलेक्ट्रॉन कैप्चर की प्रक्रिया में, नाभिक के निकट की कक्षा (आमतौर पर K-शेल) का एक आंतरिक इलेक्ट्रॉन नाभिक द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है, जिससे एक प्रोटॉन न्यूट्रॉन में बदल जाता है और एक न्यूट्रिनो उत्सर्जित होता है।
3. बीटा-धनात्मक ($eta^+$) क्षय और इलेक्ट्रॉन कैप्चर दोनों ही प्रक्रियाओं में मूल परमाणु का द्रव्यमान संख्या (Mass number) परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और उनके ऊर्जा तथा कोणीय संवेग संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में परिक्रमण कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बंधा हुआ है।
2. जब कोई उपग्रह अपनी दीर्घवृत्ताकार कक्षा के उपभू (Perigee - पृथ्वी के निकटतम बिंदु) से अपभू (Apogee - पृथ्वी के दूरस्थ बिंदु) की ओर गति करता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा घटती है किंतु गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा और कुल यांत्रिक ऊर्जा दोनों बढ़ती हैं।
3. केंद्रीय बल (गुरुत्वाकर्षण बल) के अंतर्गत गति करने के कारण उपग्रह पर कार्यरत बल आघूर्ण (Torque) शून्य होता है, जिसके परिणामस्वरूप उपग्रह का कोणीय संवेग (Angular Momentum) अपने परिक्रमण पथ के प्रत्येक बिंदु पर संरक्षित रहता है।
4. यदि किसी उपग्रह की कक्षीय त्रिज्या को बढ़ाकर चार गुना कर दिया जाए, तो केप्लर के तृतीय नियम के अनुसार उसका परिक्रमण काल आठ गुना हो जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चुम्बकीय पदार्थों और विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फेरोमैग्नेटिक (लोहचुम्बकीय) पदार्थों को जब क्यूरी ताप ($T_c$) से अधिक तापमान पर गर्म किया जाता है, तो वे अपनी लोहचुम्बकीय प्रवृत्ति को खो देते हैं और अनुचुम्बकीय (Paramagnetic) पदार्थों की तरह व्यवहार करने लगते हैं।
2. लेंस का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युत धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) का SI मात्रक 'हेनरी' है, और यह किसी कुंडली की वह ज्यामितीय और भौतिक संपत्ति है जो उस कुंडली में प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है।
4. ट्रांसफार्मर विद्युत चुंबकीय प्रेरण के अन्योन्य प्रेरण (Mutual Induction) सिद्धांत पर कार्य करता है और यह दिष्ट धारा (DC) तथा प्रत्यावर्ती धारा (AC) दोनों के वोल्टेज को सफलतापूर्वक परिवर्तित कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों, आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective nuclear charge) बढ़ने के कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान में सामान्यतः वृद्धि होती है, हालांकि बेरिलियम ($Be$) और बोरॉन ($B$) तथा नाइट्रोजन ($N$) और ऑक्सीजन ($O$) के बीच इस सामान्य प्रवृत्ति में अपवाद देखे जाते हैं।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऊर्जा का हमेशा उत्सर्जन ही होता है, चाहे परमाणु का आकार कुछ भी हो।
3. हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($C l$) की तुलना में अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के छोटे आकार के कारण होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic repulsion) बल है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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