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BPSC TRE 4.0
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'हीरा' (Diamond) किसका अपरूप (Allotrope) है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
'हीरा' कार्बन का सबसे कठोर अपरूप है। इसमें कार्बन के परमाणु चतुष्फलकीय (Tetrahedral) संरचना में व्यवस्थित होते हैं। वहीं, ग्रेफाइट भी कार्बन का अपरूप है लेकिन वह विद्युत का सुचालक और मुलायम होता है।
Related Questions
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नील दर्पण नामक नाटक किससे संबंधित था?
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भारत के पर्वतीय, पठारी एवं मैदानी क्षेत्रों तथा प्रमुख दर्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिला दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, जबकि 'काराकोरम दर्रा' (Karakoram Pass) भारत और चीन के बीच लेह को शिनजियांग से जोड़ने वाला एक उच्च पर्वतीय मार्ग है जो जास्कर श्रेणी में स्थित है।
2. प्रायद्वीपीय पठार के अंतर्गत 'छोटानागपुर का पठार' मुख्य रूप से एक संप्राय मैदान (Peneplain) का उदाहरण है, जिसके मध्य से दामोदर नदी एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) में बहती है, और इसके उत्तर-पूर्व में राजमहल की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
3. उत्तर भारत के विशाल मैदान का निर्माण हिमालय और प्रायद्वीपीय नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों (Alluvial Deposits) से हुआ है, जिसमें नदियों द्वारा निर्मित 'भाबर' (Bhabar) पेटी अत्यधिक पारगम्य (Permeable) होती है जहाँ नियाँ विलुप्त होकर भूमिगत हो जाती हैं।
4. पश्चिमी घाट (Sahyadri) की दक्षिणी सीमा पर स्थित 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो कोचीन को चेन्नई से जोड़ने वाले रेल और सड़क मार्ग को सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्य एवं मौर्योत्तर काल (Mauryan and Post-Mauryan Period) के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान और मुद्रा प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य प्रशासन में 'समान्हर्त्ता' (Samahartri) का मुख्य कार्य राज्य में करों का निर्धारण और आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना यानी राजस्व संग्रह विभाग का प्रमुख होना था, जबकि 'संनिधाता' (Sanidhata) राजकीय कोषागार और भण्डारगृह का मुख्य अधिकारी होता था।
2. सातवाहन वंश (मौर्योत्तर काल) के शासकों ने शीशे, प्रोटीन, तांबे और कांसे के सिक्के जारी किए, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा का बड़े पैमाने पर विस्तार किया, जिससे सामंती प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिला।
3. कुषाण काल (मौर्योत्तर काल) के दौरान सोने के सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन हुआ, और कुषाणों के स्वर्ण सिक्के रोमन साम्राज्य के सिक्कों की तुलना में कम शुद्धता वाले थे, जबकि गुप्त काल ने इस मामले में इन्हें पीछे छोड़ दिया।
4. मौर्योत्तर काल में अर्थव्यवस्था में नगरीकरण का ह्रास देखा गया, जिसके कारण बड़े व्यापारिक निगमों या श्रेणियों (Guilds) का पतन हो गया और आंतरिक तथा बाह्य व्यापार पूरी तरह से समाप्त हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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असहयोग आंदोलन (1920-22) और उसके स्थगन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन किया गया जिसके तहत 'शांतिपूर्ण और वैध साधनों' द्वारा 'स्वराज' की प्राप्ति को कांग्रेस का लक्ष्य बनाया गया, तथा प्रांतीय कांग्रेस कमेटियों का गठन भाषाई आधार पर किया गया।
2. चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने बारडोली में कांग्रेस की बैठक में असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की, जिससे देश के कई युवा नेताओं जैसे सुभाष चंद्र बोस और चित्तरंजन दास ने इस निर्णय का पूर्ण समर्थन किया।
3. आंदोलन के स्थगन के पश्चात चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने गया अधिवेशन (1922) के दौरान कांग्रेस के भीतर ही 'स्वराज पार्टी' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य परिषदों में प्रवेश कर सरकार की नीतियों में बाधा डालना था।
4. असहयोग आंदोलन के दौरान पहली बार बड़े पैमाने पर महिलाओं, विद्यार्थियों और व्यापारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, किंतु मुस्लिम समुदाय की भागीदारी इस आंदोलन में नगण्य रही क्योंकि खिलाफत आंदोलन का इससे कोई संबंध नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संक्रमण धातुएँ और उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) प्रकृति के होते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके डी-कक्षक (d-orbitals) में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (Unpaired Electrons) की उपस्थिति है।
2. संक्रमण धातुएँ अपने डी-कक्षकों की रिक्तियों और परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाओं के कारण उत्कृष्ट उत्प्रेरक (Catalysts) के रूप में कार्य करती हैं, जैसे हेबर विधि में अमोनिया निर्माण के लिए प्रयुक्त आयरन (Fe)।
3. अंतराकाशी यौगिक (Interstitial Compounds) तब बनते हैं जब संक्रमण धातुओं के क्रिस्टल जालक में हाइड्रोजन, कार्बन या नाइट्रोजन जैसे छोटे अधातु परमाणु फँस जाते हैं, जिससे इन यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक मूल धातु की तुलना में काफी कम हो जाते हैं।
4. संक्रमण धातुओं द्वारा रंगीन आयनों का निर्माण मुख्य रूप से 'd-d संक्रमण' (d-d transition) के कारण होता है, जब अयुग्मित इलेक्ट्रॉन दृश्य प्रकाश क्षेत्र से ऊर्जा अवशोषित कर उच्च ऊर्जा स्तर पर स्थानांतरित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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