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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूपर्पटी (Upper Crust) और निचली भूपर्पटी (Lower Crust) के बीच स्थित होती है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड को एक-दूसरे से अलग करती है।
  2. 2. आग्नेय चट्टानों के विपरीत, 'रूपांतरित चट्टानें' (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन के कारण बनती हैं, और संगमरमर (Marble) इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो चूना पत्थर के कायांतरण से बनता है।
  3. 3. पृथ्वी की आंतरिक परतों में गहराई की ओर जाने पर तापमान में वृद्धि की दर एकसमान रहती है, और क्रोड (Core) में अत्यधिक उच्च तापमान होने के बावजूद यहाँ का आंतरिक भाग उच्च दबाव के कारण पूरी तरह से गैसीय अवस्था में पाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: 'कॉनराड असंबद्धता' सियाल (SiAl) और सिमा (SiMa) अथवा ऊपरी और निचली भूपर्पटी के बीच की सीमा है। वहीं, 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (या गुटेनबर्ग-विचर्ट असंबद्धता) निचले मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच स्थित है। कथन 2 सही है: रूपांतरित चट्टानें मूल आग्नेय या अवसादी चट्टानों पर अत्यधिक ताप (Temperature) और दाब (Pressure) के प्रभाव से बनती हैं। उदाहरण के लिए, चूना पत्थर (Limestone) के कायांतरण से संगमरमर का निर्माण होता है। कथन 3 गलत है: पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर तापमान बढ़ने की दर (Geothermal Gradient) एकसमान नहीं होती है, बल्कि शुरुआती किलोमीटरों में यह दर अधिक होती है और बाद में घट जाती है। इसके अलावा, क्रोड का आंतरिक भाग (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के कारण ठोस अवस्था में पाया जाता है, न कि गैसीय अवस्था में। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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