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जेट स्ट्रीम (Jet Streams), वायुमंडलीय परिसंचरण और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) ग्रीष्मकाल में हिमालय के उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को उत्तर भारत में मजबूती मिलती है और यह जेट स्ट्रीम मानसून के आगमन के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होती है।
- 2. रोस्बी तरंगें (Rossby Waves) पृथ्वी के क्षोभमंडल और समतापमंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो वायुदाब पेटियों के घुमाव और कोरिऑलिस बल के प्रभाव से उत्पन्न होती हैं तथा वैश्विक मौसम के मिजाज को नियंत्रित करती हैं।
- 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान (SST) कम से कम 27° से अधिक होना आवश्यक है, क्योंकि उच्च तापमान से प्राप्त वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Condensation) चक्रवात को मुख्य ऊर्जा प्रदान करती है।
- 4. कोरियोगिस बल (Coriolis Force) भूमध्य रेखा पर अधिकतम होता है, यही कारण है कि विषुवत रेखा के 0° से 5° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के बीच उष्णकटिबंधीय चक्रवात अत्यधिक तीव्रता से उत्पन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि ग्रीष्मकाल में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम हिमालय के उत्तर में तिब्बत के पठार के ऊपर चली जाती है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून (दक्षिण-पश्चिम मानसून) के लिए भारत के ऊपर कम वायुदाब का गर्त (Trough) विकसित होने में अनुकूल स्थिति बनती है, लेकिन शीतकालीन जेट स्ट्रीम ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के लिए उत्तरदायी है। कथन 2 सही है; रोस्बी तरंगें वास्तव में पृथ्वी के घूर्णन के कारण क्षोभमंडल और समतापमंडल में उत्पन्न होने वाली विशाल वायुमंडलीय तरंगें हैं। कथन 3 सही है, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के निर्माण के लिए महासागरीय सतह का तापमान कम से कम 26.5°C से 27°C होना आवश्यक है ताकि पर्याप्त गुप्त ऊष्मा मिल सके। संदर्भ के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। कथन 4 गलत है क्योंकि कोरिऑलिस बल भूमध्य रेखा (0°) पर शून्य होता है, जिसके कारण विषुवत रेखा के 5° उत्तर और 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का निर्माण नहीं होता है।
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भारत के प्रमुख उद्योगों, परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल और जलमार्ग) तथा विनिर्माण गलियारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा' (NS-EW Corridor) परियोजना के तहत उत्तर में श्रीनगर को दक्षिण में कन्याकुमारी से तथा पूर्व में पोरबंदर को पश्चिम में सिलचर (यह संयोजन विपरीत है, पोरबंदर पश्चिम में और सिलचर पूर्व में है) से जोड़ने वाली कुल लगभग 7,300 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का विकास किया जा रहा है।
2. 'पूर्वी समर्पित माल गलियारा' (EDFC) लुधियाना (पंजाब) से शुरू होकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के दनकुनी तक लगभग 1,835 किलोमीटर की लंबाई में फैला हुआ है, और यह पूरी तरह से कोयला, इस्पात तथा खाद्यान्न ढुलाई के लिए समर्पित है।
3. भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों के संबंध में, राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) सदिया से धुबरी के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को मुख्य भूमि से जोड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश का पहला आधुनिक एकीकृत इस्पात संयंत्र राउरकेला में पश्चिम जर्मनी के सहयोग से स्थापित किया गया था, जो सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख उपक्रम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मृदा के वर्गीकरण और उनके भौगोलिक तथा रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लौह धातु के व्यापक प्रसार के कारण होता है, तथा जब यह मृदा जलयोजित रूप में होती है तो इसका रंग पीला दिखाई देता है।
2. लवणीय और क्षारीय मृदा (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय रूप से रेर, कलर या उसर भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम की अधिकता होती है, जिसके कारण यह मृदा अनुत्पादक होती है और इसमें नाइट्रोजन एवं चूने की प्रचुरता पाई जाती है।
3. पीटमय और दलदली मृदा (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के संचय से विकसित होती है, इस मृदा में ह्यूमस की मात्रा 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है और यह सामान्यतः भारी तथा काले रंग की होती है।
4. पर्वतीय मृदा (Mountain/Forest Soils) का निर्माण घाटी के पर्यावरण और ढलानों के अनुसार अलग-अलग होता है, जहाँ नदी घाटियों में यह मृदा दोमट और उपजाऊ होती है, वहीं ऊपरी ढलानों पर यह अम्लीय और कम विकसित (अपरिपक्व) प्रकृति की होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, घाटियों और उनसे संबंधित भू-आकृतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मरखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग घाटी है, जो 'हेमिस राष्ट्रीय उद्यान' के अंतर्गत आती है और इसके दक्षिण में जांसकर श्रेणी तथा उत्तर में लद्दाख श्रेणी अवस्थित है।
2. 'शांत घाटी' (Silent Valley) केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के कुंथीपुझा नदी बेसिन में स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षा वनों का एक अनूठा क्षेत्र है और यहाँ कभी सिंह-पुच्छ मकाक (Lion-tailed macaque) का प्राकृतिक आवास पाया जाता है।
3. 'युमथांग घाटी' (Yumthang Valley), जिसे 'फूलों की घाटी' ( sikkim) कहा जाता है, पूर्वी हिमालय में स्थित एक अभ्यारण्य घाटी है जो तीस्ता नदी की सहायक नदी 'चुंगथांग' के समीप स्थित है और यहाँ गर्म पानी के कई प्राकृतिक सोते (Hot Springs) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख उद्योगों और परिवहन नेटवर्क (रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र' (RINL) भारत का पहला तटवर्ती (Coastal) एकीकृत इस्पात संयंत्र है, जिसे भारी मात्रा में आयातित कोकिंग कोयले की सुलभता और तैयार उत्पादों के निर्यात को ध्यान में रखकर समुद्र तट के समीप स्थापित किया गया था।
2. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक विस्तृत है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 891 किमी है और यह पूर्वोत्तर भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन का मुख्य मार्ग है।
3. 'चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स' (CLW) पश्चिम बंगाल में स्थित है, जो भारतीय रेलवे के लिए केवल डीजल इंजनों के निर्माण का देश का सबसे बड़ा और प्रमुख कारखाना है।
4. भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'एनएच-44' (NH-44) उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक जाता है, जो कई राज्यों से गुजरता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता कम होती है और यह क्षेत्र मछली पकड़ने के प्रमुख मैदान (जैसे ग्रैंड बैंक) के रूप में विकसित होता है क्योंकि यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचता है।
2. जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में (सिजिगी की स्थिति) होते हैं, तब गुरुत्वाकर्षण बलों के संयुक्त प्रभाव के कारण दीर्घ ज्वार (Spring Tide) आता है, और यह स्थिति केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होती है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) मलय प्रायद्वीप और सुमात्रा द्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत रणनीतिक मार्ग है।
4. लघु ज्वार (Neap Tide) के दौरान, सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं, जिससे दोनों के आकर्षण बल एक-दूसरे के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित कर देते हैं, परिणामस्वूप सामान्य से ऊँचे ज्वार उत्पन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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