BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
34 views

क्षार का स्वाद कैसा होता है?

Detailed Explanation

कड़वा।
Share:

Related Questions

→ मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है। 2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह सुअर तथा पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है। 3. 'फ्लू' (Influenza) और 'कॉमन कोल्ड' दोनों विषाणु जनित श्वसन संक्रमण हैं, किंतु फ्लू 'रिनोवाइरस' (Rhinovirus) के कारण होता है जबकि सामान्य जुकाम 'इन्फ्लूएंजा वायरस' (Orthomyxovirus) के कारण फैलता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटैस्टिन' (Somatostatin) हॉर्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को रोकता है। 2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) एक मिनरलोकोर्टिकोइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनर्अवशोषण को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। 3. अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'ग्लूकाagon' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लाइसेमिक (Hyperglycemic) हॉर्मोन है अर्थात यह रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है। 4. पैराथाइराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथाइराइड हॉर्मोन' (PTH) अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करके रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को कम करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और विटामिनों के जैव रासायनिक तथा चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'विटामिन B3' (नियासिन या निकोटिनिक एसिड) के सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'NAD+' (निकोटिनएमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) और 'NADP+' हैं, जो कई प्रकार की ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन वाहक के रूप में कार्य करते हैं, और इसकी भीषण कमी से 'पेलग्रा' (Pellagra) रोग उत्पन्न होता है जिसमें चार 'D' (डर्मेटाइटिस, डायरिया, डिमेंशिया और डेथ) लक्षण दिखाई देते हैं। 2. 'विटामिन C' (एस्कॉर्बिक एसिड) एक जल-सुलभ एंटीऑक्सीडेंट है जो कोलेजन (Collagen) के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए आवश्यक 'प्रोलिन हाइड्रॉक्सिलेज़' एंजाइम के लिए फेरस आयनों ($Fe^{2+}$) को उनकी अपचयनित अवस्था में बनाए रखता है, और इसकी कमी से संयोजी ऊतकों की कमजोरी के कारण 'स्कर्वी' नामक रोग हो जाता है। 3. 'विटामिन A' (रेटिनॉल) का सक्रिय एल्डिहाइड रूप '11-सिस-रेटिनाल' आँखों की शलाका कोशिकाओं (Rhodopsin) में प्रकाश-संवेदी पिगमेंट का एक अनिवार्य घटक है, लेकिन इसकी कमी से होने वाली 'रतौंधी' (Night blindness) को रेटिनॉल के सेवन से पूरी तरह उलट (Reverse) नहीं किया जा सकता है। 4. वसा में घुलनशील 'विटामिन E' (टोकोफेरॉल) एक शक्तिशाली झिल्ली-बद्ध एंटीऑक्सीडेंट है जो सेलुलर झिल्लियों में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स को मुक्त मूलकों (Free radicals) द्वारा होने वाले लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → ऊष्मागतिकी के प्रथम और द्वितीय नियमों तथा तापमापी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्थापित करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant-volume gas thermometer) गैस के दाब और तापमान के रैखिक संबंध पर कार्य करती है, और इसमें प्रयुक्त गैस (जैसे ही हाइड्रोजन या हीلیم) आदर्श गैस व्यवहार के अत्यधिक निकट होती है। 3. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा का पूर्ण उपयोग उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने में होता है, और यह नियम ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ ऊष्मा के प्रवाह की दिशा को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। 4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता ($dQ = 0$), और ऐसे प्रक्रम में गैस का प्रसार होने पर उसकी आंतरिक ऊर्जा कम हो जाती है जिससे तापमान में गिरावट आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के विशेष सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम पर आधारित है और यह विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है। 2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन की स्थिति में एक से अधिक होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान एक से कम होता है। 3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' के 'अधिशोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार, अभिकर्मक गैसें उत्प्रेरक की सतह पर आकर अधिशोषित होती हैं, जिससे उनकी प्रभावी सांद्रता बढ़ जाती है और अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा ($E_a$) कम हो जाती है। 4. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' की क्रियाविधि में 'माइकलिस-मेंटेन नियतांक' ($K_m$) जितना अधिक होता है, एंजाइम और सब्सट्रेट के बीच की बंधुता (Affinity) उतनी ही अधिक होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.